पीक पावर सप्लाई में देश में पहले स्थान पर प्रदेश, ऊर्जा क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने बनाई नई पहचान

प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से अग्रणी राज्य के रूप में उभर रहा है। बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रगति हुई है, जिससे प्रदेश देश के प्रमुख ऊर्जा केंद्रों में शामिल हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले छह वर्षों से बिजली दरों में वृद्धि नहीं की गई है। किसानों को निःशुल्क बिजली सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।ऊर्जा मंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति बिजली खपत 489 यूनिट थी, जो अब बढ़कर 630 यूनिट तक पहुंच गई है। इसी अवधि में प्रदेश की औसत पीक डिमांड लगभग 13,000 मेगावाट से बढ़कर 30,000 मेगावाट तक पहुंच गई है। पिछले वर्ष अधिकतम 31,468 मेगावाट और इस वर्ष 28 अप्रैल को 29,475 मेगावाट की मांग की सफलतापूर्वक आपूर्ति की गई। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित प्रबंधन से बिलिंग त्रुटियों में कमी आई है और उपभोक्ताओं को ऑनलाइन सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

तापीय उत्पादन क्षमता लगभग दोगुनी

मंत्री एके शर्मा के अनुसार, वर्ष 2017 में प्रदेश की अधिकतम तापीय विद्युत उत्पादन क्षमता 5,160 मेगावाट थी, जो अब बढ़कर 9,120 मेगावाट हो गई है। घाटमपुर परियोजना की 660 मेगावाट इकाई शीघ्र शुरू होने वाली है। इसके अलावा ओबरा-डी, अनपरा-ई, मेजा और मिर्जापुर परियोजनाओं के माध्यम से 10,600 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता जोड़ी जा रही है।

उपभोक्ताओं की संख्या 3.70 करोड़

वर्ष 2017 में प्रदेश में 1.80 करोड़ बिजली उपभोक्ता थे, जो अब बढ़कर 3.70 करोड़ हो गए हैं। पिछले चार वर्षों में लगभग 50 लाख नए बिजली कनेक्शन दिए गए। गांवों में 18 से 20 घंटे और शहरों में 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति का दावा किया गया है।

ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क का विस्तार

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि बड़े सबस्टेशनों की क्षमता 39,000 एमवीए से बढ़कर करीब दो लाख एमवीए हो गई है। पिछले चार वर्षों में 30 लाख जर्जर बिजली पोल बदले गए और 1.65 लाख किलोमीटर से अधिक पुराने तारों को एबी केबल से प्रतिस्थापित किया गया। इस अवधि में 132 केवी के 86 और 33 केवी के 93 नए सबस्टेशन स्थापित किए गए तथा 1,500 से अधिक सबस्टेशनों का उन्नयन किया गया।

नवीकरणीय ऊर्जा में भी प्रगति

एके शर्मा के अनुसार, पीएम सूर्य घर योजना के तहत उत्तर प्रदेश अप्रैल 2026 में सर्वाधिक इंस्टॉलेशन वाला राज्य रहा। प्रदेश में चार लाख से अधिक सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनसे लगभग 1,400 मेगावाट उत्पादन हो रहा है। अयोध्या को देश का पहला सोलर सिटी विकसित किया गया है, जबकि 16 अन्य शहरों में भी इस दिशा में कार्य जारी है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश की सौर ऊर्जा क्षमता करीब 3,000 मेगावाट तक पहुंच चुकी है और 11,000 मेगावाट की अतिरिक्त परियोजनाएं विभिन्न चरणों में हैं। बायो एनर्जी क्षेत्र में 25 सीबीजी संयंत्रों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 240 टन उत्पादन किया जा रहा है।

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