जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से प्राप्त जन शिकायतों के समयबद्ध व गुणवत्तापरक निस्तारण की जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने समीक्षा की। समीक्षा अप्रैल महीने की शिकायतों की थी। 23 अधिकारियों से आईजीआरएस या सीएम हेल्पलाइन के निस्तारित प्रकरणों में आवेदक सौ फीसदी असंतुष्ट मिले। आवेदकों से संपर्क का प्रतिशत भी अत्यधिक कम मिला। डीएम ने नाराजगी जताई। निस्तारण में अपेक्षित रूचि नहीं ली जा रही है।
जिलाधिकारी ने खान निरीक्षक, सम्पत्ति प्रबन्धक, उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद, जिला समन्वयक कौशल विकास मिशन, सहायक निदेशक मत्स्य विभाग, प्रधानाचार्य प्राविधिक शिक्षा अयोध्या, सहायक विकास अधिकारी पंचायत अमानीगंज, बाल विकास परियोजना अधिकारी तारून, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, प्रधानाचार्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान अयोध्या, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा, खण्ड विकास अधिकारी मया बाजार, सहायक विकास अधिकारी पंचायत मवई, तहसीलदार बीकापुर, प्रबन्धक दुग्ध विकास विभाग, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, पशु चिकित्साधिकारी अमानीगंज, पशु चिकित्साधिकारी सोहावल, उप जिलाधिकारी मिल्कीपुर, खण्ड विकास अधिकारी सोहावल, बेसिक शिक्षा अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी पूराबाजार, खण्ड शिक्षा अधिकारी बीकापुर एवं प्रभारी चिकित्साधिकारी
पूराबाजार अयोध्या का आई जीआरएस या सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर प्राप्त सन्दर्भों के निस्तारण पर आवेदकों से फीडबैक लिया गया।
