ताहुरा की नजर वर्ल्ड अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने पर, एशियन एथलेटिक्स में रचा इतिहास


कोलकाता, 24 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका के ओरेगन में होने वाले वर्ल्ड अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए पश्चिम बंगाल की ताहुरा खातून ने क्वालीफाई किया है। वह इन खेलों के लिए क्वालीफाई करने वाली राज्य की पहली एथलीट हैं। ताहुरा अब ओरेगन में मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीतना चाहती हैं, लेकिन एक एथलीट के तौर पर उनका सबसे बड़ा सपना ओलंपिक पदक जीतना है।

ताहुरा ने अपने करियर के अब तक के सबसे बड़े इवेंट के लिए रवाना होने से एक दिन पहले कहा, “मेरा अंतिम लक्ष्य ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है। फिलहाल, मेरा पूरा फोकस वर्ल्ड अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप पर है। मैं मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले में हिस्सा लूंगी। इसमें पदक जीतने के लिए पूरी टीम को मिलकर कोशिश करनी होगी। हालांकि, मैं अपनी तरफ से देश को गर्व महसूस कराने की पूरी कोशिश करूंगी।”

ताहुरा, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई), ईस्टर्न सेंटर में मुख्य कोच संजय घोष और सहायक कोच जसपाल सिंह पन्नू की देखरेख में अपनी स्किल्स को बेहतर बना रही हैं। वह पिछले महीने एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में विमेंस 4×400 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास में अपना नाम दर्ज करा चुकी हैं। इसी उपलब्धि के बाद उन्हें विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालीफिकेशन मिला।

ताहुरा ने कहा, “एशियन अंडर-20 इवेंट में सफलता के बाद मेरी जिंदगी में बहुत सारे बदलाव आए हैं। अब उम्मीदें ज्यादा हैं। हालांकि, मैं अब अच्छी फॉर्म में हूं और हाल ही में हुए राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में नए रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता है। मेरा लक्ष्य इस फॉर्म को वर्ल्ड अंडर-20 में भी जारी रखना है।”

साउथ 24 परगना जिले के फूलबाड़ी गांव की रहने वाली 19 साल की ताहुरा ने एथलेटिक्स में आने से पहले स्थानीय लड़कों के साथ फुटबॉल और क्रिकेट खेलते हुए खेलों की दुनिया में कदम रखा था। उन्होंने अपने अंदर छिपी प्रतिभा को पहचानने का श्रेय साई, ईस्टर्न सेंटर के अपने कोचों को दिया।

ताहुरा ने कहा, “मैं पिछले पांच सालों से साई में ट्रेनिंग कर रही हूं। मेरी सारी सफलताओं का श्रेय यहां के कोचों और सपोर्ट स्टाफ को जाता है। वे मेरी ट्रेनिंग, डाइट, वगैरह सहित सभी जरूरतों का ध्यान रखते हैं। जब मैंने एथलेटिक्स में अपना सफर शुरू किया, तो मुझे बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योंकि मेरे परिवार को मेरी ट्रेनिंग के लिए पैसे देने में मुश्किल हो रही थी। लेकिन साई में ट्रेनिंग के लिए चुने जाने के बाद, मेरी जिंदगी बदल गई है। मुझे उम्मीद है कि मैं साई कोच संजय सर और जसपाल सर के मार्गदर्शन में और भी बड़ी सफलता हासिल करूंगी और नाम कमाऊंगी।”

युवा एथलीट ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि मेरी कामयाबियां पश्चिम बंगाल के युवाओं को ज्यादा संख्या में एथलेटिक्स में आने के लिए प्रेरित करेंगी।”

ताहिरा ने एक अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि जब मैं एशियन अंडर-20 के बाद लौटी, तो एयरपोर्ट पर मुझे रिसीव करने वाला कोई नहीं था। अब मेरा लक्ष्य वैश्विक स्तर पर पदक जीतना है।

–आईएएनएस

पीएके


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