बुखारेस्ट, 24 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को अपनी तीन देशों की यूरोप यात्रा के आखिरी चरण के समापन से पहले रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट में स्थित ‘टॉम्ब ऑफ द अननोन सोल्जर’ पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
राष्ट्रपति सचिवालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुखारेस्ट, रोमानिया में ‘टॉम्ब ऑफ द अननोन सोल्जर’ पर श्रद्धांजलि दी। यह स्मारक अपने देश के लिए शहीद हुए सैनिकों के प्रति रोमानिया की कृतज्ञता का प्रतीक है और देशभक्ति, एकता और शांति का राष्ट्रीय प्रतीक माना जाता है।”
इससे पहले दिन में राष्ट्रपति मुर्मु ने बुखारेस्ट में आयोजित भारत-रोमानिया बिजनेस फोरम को संबोधित किया। कार्यक्रम में रोमानिया के राष्ट्रपति निकुसोर डैन, वहां की सरकार के सदस्य, भारत और रोमानिया के उद्योग जगत के प्रतिनिधि और दोनों देशों के उद्योग संगठनों के सदस्य मौजूद रहे।
राष्ट्रपति सचिवालय ने बताया कि राष्ट्रपति ने कहा, “‘विकसित भारत 2047’ का लक्ष्य भारत को आजादी के 100 साल पूरे होने तक एक विकसित देश बनाना है। इस सफर में अंतरराष्ट्रीय साझेदारी, निवेश और तकनीकी सहयोग के लिए कई बड़े अवसर हैं।”
उन्होंने रोमानिया की कंपनियों से भारत की विकास यात्रा में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की।
राष्ट्रपति सचिवालय ने फोरम के बाद कहा, “करीब दो अरब लोगों के साझा बाजार और लगभग 25 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) दुनिया की सबसे अहम आर्थिक साझेदारियों में से एक है। इसका उद्देश्य व्यापार को बढ़ावा देना, निवेश बढ़ाना और मजबूत और विविध सप्लाई चेन तैयार करना है।”
राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि इस एफटीए को जल्द और प्रभावी तरीके से लागू करना बहुत जरूरी है। इससे कारोबार के लिए भरोसेमंद माहौल बनेगा, वैल्यू चेन के बीच बेहतर तालमेल होगा और दोनों पक्षों के एमएसएमई, स्टार्टअप और नए इनोवेशन करने वालों के लिए नए मौके खुलेंगे।
उन्होंने कहा कि भारत का दुनिया भर में सराहा जाने वाला डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, तेजी से बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) में उसकी मजबूत पहचान, रोमानिया की सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, साइबर सुरक्षा, रिसर्च और एडवांस टेक्नोलॉजी की ताकत के साथ मिलकर बेहतर सहयोग कर सकती है।
राष्ट्रपति ने भरोसा जताया कि भारत और रोमानिया के कारोबारी इन नए अवसरों का पूरा फायदा उठाएंगे और इन्हें सफल व्यावसायिक साझेदारियों में बदलेंगे। उन्होंने एक बार फिर रोमानिया की कंपनियों से भारत की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी करने का आग्रह किया।
–आईएएनएस
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