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गांधीनगर, (केसरिया न्यूज़)। गांधीनगर के कुडासन में सोमवार को ‘गरवी गुरजारी’ के नए शोरूम का उद्घाटन किया गया। राज्य सरकार का मकसद पारंपरिक हथकरघा, हस्तशिल्प और आदिवासी कला को खरीदारों तक बेहतर ढंग से पहुंचाना और स्थानीय कारीगरों के लिए बाजार के ज्यादा मौके बनाना है।
खादी, कुटीर और ग्रामीण उद्योग मंत्री नरेश पटेल ने राज्य मंत्री स्वरूपजी ठाकोर की मौजूदगी में इस शोरूम का उद्घाटन किया।
इस आउटलेट को गुजरात राज्य हथकरघा और हस्तशिल्प विकास निगम लिमिटेड चलाता है और इसमें राज्य के अलग-अलग हिस्सों के पारंपरिक उत्पाद दिखाए जाएंगे।
पटेल ने कहा कि सरकार हथकरघा क्षेत्र को बढ़ावा देने और प्रधानमंत्री मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। पारंपरिक कलाओं को बचाने की भी कोशिशें की जा रही हैं, जो गुजरात की सांस्कृतिक पहचान का एक अहम हिस्सा हैं।
पटेल ने कहा, “पाटन, सुरेंद्रनगर, राजकोट और कच्छ के कारीगर इन पारंपरिक कलाओं को जीवित रखने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। नया शोरूम गुजरात, देश के अन्य हिस्सों और विदेशों के लोगों को इन उत्पादों तक पहुंचने का मौका देगा।”
मंत्री ने कहा कि इस पहल से युवा पीढ़ी को पारंपरिक शिल्प की ओर आकर्षित करने और हस्तशिल्प क्षेत्र में रोजगार के अतिरिक्त अवसर पैदा करने में भी मदद मिल सकती है। शोरूम में पारंपरिक हथकरघा उत्पाद, हस्तशिल्प, कढ़ाई, मिट्टी के बर्तन, धातु की कलाकृतियां, घर की सजावट का कलात्मक सामान और आदिवासी कला और शिल्प उत्पाद मिलेंगे।
पटेल के अनुसार, इस पहल का मकसद न केवल उन पारंपरिक कला रूपों को बचाना है, जिनके खत्म होने का खतरा है, बल्कि कारीगरों और कलाकारों को बेहतर बाजार के अवसर, पहचान और आत्मनिर्भरता के रास्ते भी उपलब्ध कराना है।
उद्घाटन समारोह में कुटीर और ग्रामीण उद्योग के प्रधान सचिव और आयुक्त मोहम्मद शाहिद, गुजरात राज्य हथकरघा और हस्तशिल्प निगम (गरवी गुरजारी) की प्रबंध निदेशक आर्द्रा अग्रवाल के अलावा सरकारी अधिकारी, कला प्रेमी और गांधीनगर के निवासी शामिल हुए।
–केसरिया न्यूज़
