एर्लिंग हालैंड: नॉर्वे को 28 वर्षों बाद फीफा वर्ल्ड कप में पहुंचाने वाले खिलाड़ी, जो कहलाते 'गोल-मशीन'


नई दिल्ली, 23 मई (आईएएनएस)। नॉर्वे के फुटबॉलर एर्लिंग ब्रूट हालैंड को ‘गोल-मशीन’ कहा जाता है। 21 जुलाई 2000 को इंग्लैंड के लीड्स में जन्मे एर्लिंग एथलीट परिवार से हैं। उनके पिता अल्फ-इंगे हालैंड एक प्रोफेशनल फुटबॉलर थे। मां ग्राय मारिता ब्राउन हेप्टाथलॉन में नाम कमा चुकी हैं, जबकि दादा नॉर्वे में एक मशहूर धावक थे।

महज 5 साल की उम्र में ही एर्लिंग वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके थे। जनवरी 2006 में एर्लिंग हालैंड ने खड़े होकर 1.63 मीटर की छलांग लगाई और सबसे लंबी कूद का रिकॉर्ड अपने नाम किया था।

जन्मजात एथलीट एर्लिंग हालैंड की परवरिश नॉर्वे में हुई, जहां उन्होंने बेहद कम उम्र में फुटबॉल खेलना शुरू कर दिया। हालांकि, पिता चाहते थे कि बेटा फुटबॉल चुनने से पहले कई दूसरे खेलों को भी आजमाए। यही वजह रही कि 14 साल की उम्र तक एर्लिंग एथलेटिक्स, स्कीइंग और हैंडबॉल का अनुभव भी हासिल कर चुके थे। हैंडबॉल मैनेजर चाहते थे कि एर्लिंग इसी खेल को चुनें, लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें एक फुटबॉलर बना दिया।

एर्लिंग का जन्म इंग्लैंड में हुआ था। ऐसे में वह इंग्लैंड की तरफ से भी खेलने का विकल्प चुन सकते थे, लेकिन क्लब और नेशनल लेवल पर पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए ‘नॉर्वे’ को चुना। इसकी एक वजह यह भी थी कि एर्लिंग ने अधिकांश युवावस्था स्कैंडिनेवियाई देशों में बिताई।

हालैंड ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लियोनेल मेस्सी जैसे दिग्गजों का अपना आदर्श बताया है, लेकिन जिनका सबसे ज्यादा बार जिक्र किया, वो ‘ज्लाटन इब्राहिमोविच’ हैं।

25 वर्षीय हालैंड का कद 6 फुट 4 इंच है। जब हालैंड नॉर्वे में मोल्डे की युवा टीम के लिए खेलते थे, तो उनकी कद-काठी के चलते साथी उन्हें ‘मैनचाइल्ड’ के नाम से बुलाते थे। महज 15 साल की उम्र में ब्रायन एकेडमी की तरफ से नॉर्वेजियन सेकंड डिवीजन में अपने डेब्यू मैच के दौरान एर्लिंग ने पूरे 90 मिनट मैदान पर खेला।

हालैंड लगातार 5 चैंपियंस लीग मुकाबलों में गोल करने वाले युवा खिलाड़ी रहे हैं। वह चैंपियंस लीग में 30 गोल का आंकड़ा पार करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी भी हैं। अंडर-20 वर्ल्ड कप में होंडुरास के खिलाफ एक ही मैच में युवा हालैंड ने 9 गोल दागे। ग्रुप स्टेज से बाहर होने के बावजूद उन्होंने ‘गोल्डन बूट’ अपने नाम किया था।

पेशेवर और राष्ट्रीय टीम की तरफ से खेलते हुए 370वें मैच में हालैंड ने ‘300 गोल’ के आंकड़े को छुआ, जबकि यहां तक पहुंचने में किलियन एम्बाप्पे को 409 मैच, लियोनेल मेस्सी को 418 मैच और क्रिस्टियानो रोनाल्डो को 554 मैच लगे थे।

डाइटिशियन की सलाह मानने के बजाय हालैंड क्रिस्टियानो रोनाल्डो की डाइट फॉलो करते हैं, जिसमें मछली चिकन, पास्ता शामिल है और वह नमक और सॉस से परहेज करते हैं। साल 2022 में हालैंड ने मैनचेस्टर सिटी में प्रवेश किया। पहले ही सीजन तीन हैट्रिक लगाईं। हालैंड ने मैनचेस्टर सिटी को 2023 और 2024 में प्रीमियर लीग खिताब जिताने में मदद की।

‘जर्सी नंबर-9’ हालैंड मुख्य रूप से स्ट्राइकर की भूमिका में खेलते हैं, जिनकी गति, ताकत और गोल करने की क्षमता उन्हें एक खतरनाक खिलाड़ी बनाती है। हवा में हेडर के जरिए गोल करने में भी माहिर हैं।

एर्लिंग हालैंड अपनी शानदार गोल स्कोरिंग, ताकत और तेजी से फीफा वर्ल्ड कप 2026 में नॉर्वे के सबसे बड़े मैच विनर साबित हो सकते हैं। क्वालीफायर में उन्होंने 16 गोल दागे, जिससे नॉर्वे 28 साल बाद वर्ल्ड कप में पहुंचा है। वर्ल्ड कप में भी फैंस को उनसे शानदार प्रदर्शन की आस होगी।

–आईएएनएस

आरएसजी


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