योगी सरकार की संवेदनशील कार्यशैली और मजबूत बाल संरक्षण तंत्र का भावुक उदाहरण उस समय सामने आया, जब करीब दो वर्षों से लापता एक मूक-बधिर बालक को उसके परिवार से मिलवा दिया गया। शुक्रवार को पश्चिम बंगाल से आए परिजनों को जब बालक सौंपा गया तो परिवार भावुक हो उठा और योगी सरकार का आभार जताया।
करीब 13 वर्षीय यह बालक 12 सितंबर 2025 को बाल कल्याण समिति मेरठ के आदेश पर राजकीय बालगृह (बालक) में लाया गया था। बालक बोल और सुन नहीं सकता था, इसलिए वह अपना नाम, पता या परिवार की जानकारी नहीं दे पा रहा था। इसके बावजूद बालगृह प्रशासन ने उसकी पहचान पता लगाने के प्रयास नहीं छोड़े।
सूचना मिलते ही परिवार भावुक हो उठा, क्योंकि रमजान नाम का यह बालक करीब दो वर्षों से लापता था और परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। अधिकारियों ने परिवार से संपर्क स्थापित कर बालक को सुरक्षित उनके सुपुर्द कर दिया। इस पूरी प्रक्रिया में उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी एवं उप निदेशक मेरठ मंडल पुनीत मिश्रा का विशेष सहयोग रहा। सी. इंदुमति ने कहा कि योगी सरकार बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक सफलता नहीं, बल्कि संवेदनशील शासन और मानवता की बड़ी मिसाल है।
