सीएम धामी के बयान पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने बताई सड़क पर नमाज करने की मजबूरी

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बरेली, 23 मई (आईएएनएस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सड़कों पर नमाज पढ़ने के संबंध वाले बयान पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्‍होंने कहा कि अगर मजबूरी की स्थिति को छोड़ दे तो मुसलमान कभी सड़क पर नमाज नहीं पढ़ते हैं।

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि सड़कों पर नमाज पढ़ने के संबंध में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान आया है। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि मुसलमान कभी भी सड़क पर नमाज नहीं पढ़ते हैं। केवल मजबूरी की बात अलग होती है। चाहे ईद हो, बकरीद हो, जुम्मे की नमाज हो, या नियमित नमाज हो, सड़कों पर कभी भी नमाज नहीं पढ़ी जाती है।

उन्‍होंने कहा कि वह एक अनावश्यक मुद्दा खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं और बहुसंख्यक समुदाय को खुश करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। नमाज पढ़ने वाला नमाजी और खुदा के मध्‍य में कोई रुकावट नहीं पैदा होनी चाहिए। सड़कों पर शोर शराबे के बीच नमाज नहीं पढ़ी जा सकती है, इसीलिए मुसलमान मस्जिदों में ही नमाज पढ़ते हैं। इस बात की जानकारी सीएम धामी को होनी चाहिए।

पश्चिम बंगाल और दिल्ली में कुर्बानी को लेकर चल रहे विवाद पर मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने कहा कि 28 मई को कुर्बानी यानी बकरा ईद है। यह सदियों से चली आ रही है। लोग अफवाह फैला रहे हैं कि भारत में कुर्बानी प्रतिबंधित है।

उन्‍होंने कहा कि मैं खासतौर पर मुसलमान समुदाय से कहूंगा कि कुर्बानी को सार्वजनिक स्‍थानों न दें। कुर्बानी के समय में मवेशी को ढक दें या स्‍लॉटर हाउस में करें। उन्‍होंने कहा कि प्रतिबंधित मवेशी की कुर्बानी न करें, क्‍योंकि दूसरे धर्म के लोगों की आस्‍था जुड़ी है।

–आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

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