योगी सरकार ने राज्य कार्मिकों की विभिन्न श्रेणियों का मंहगाई राहत बढ़ाने के बाद शुक्रवार को यूपी कैडर के अखिल भारतीय सेवा (एआईएस) के पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को लेकर भी आदेश जारी कर दिया। महंगाई राहत (डीआर) 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करते हुए वित्त विभाग ने कार्यालय ज्ञाप जारी कर सभी विभागों और कोषागारों को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
वित्त विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी आदेश अनुसार यह निर्णय भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के 24 अप्रैल 2026 के कार्यालय ज्ञाप के अनुपालन में लिया गया है। केंद्र सरकार ने केंद्रीय पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों के लिए महंगाई राहत 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का फैसला किया था, जिसे अब उत्तर प्रदेश सरकार ने अखिल भारतीय सेवा के पेंशनरों पर लागू कर दिया है। नई व्यवस्था एक जनवरी 2026 से प्रभावी होगी।
वित्त विभाग ने इस संबंध में सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, विभागाध्यक्षों, पेंशन निदेशालय और कोषागारों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार प्रदेश में हजारों अखिल भारतीय सेवा के पेंशनर और पारिवारिक पेंशनर इस फैसले से लाभान्वित होंगे। सरकार का मानना है कि महंगाई राहत में वृद्धि से पेंशनरों को बढ़ती महंगाई से राहत मिलेगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
खास बातें
• डीआर 58% से बढ़ाकर 60%
• एक जनवरी 2026 से लागू
• केंद्र सरकार के आदेश के अनुपालन में फैसला
• मूल पेंशन और पारिवारिक पेंशन पर लागू
अब यूपी में 67.5 लाख पेंशनर और पारिवारिक पेंशनर को लाभ
राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और अखिल भारतीय सेवाओं को मिलाकर उत्तर प्रदेश में कुल पेंशनभोगियों/पारिवारिक पेंशनभोगियों की संख्या 67.5 लाख के आसपास है। हालांकि डीओपीटी अलग से सेवानिवृत्त आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों की सार्वजनिक सूची जारी नहीं करता, लेकिन प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यूपी कैडर के सेवानिवृत्त अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों और पारिवारिक पेंशनरों की संख्या हजारों में है। इनमें पूर्व मुख्य सचिव, डीजीपी, प्रमुख सचिव, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
