प्रशासनिक दायित्वों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जैविक खेती को बढ़ावा देने की अनूठी मिसाल पेश करते हुए रामसनेहीघाट के उपजिलाधिकारी अनुराग सिंह ने अपने सरकारी आवास को हरियाली, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता का आदर्श मॉडल बना दिया है। उनके आवास परिसर में विकसित की गई जैविक बगिया इन दिनों क्षेत्र में चर्चा और प्रेरणा का केंद्र बनी हुई है।
एसडीएम अनुराग सिंह ने अपने सरकारी आवास के खाली पड़े परिसर को हरित उद्यान में परिवर्तित कर दिया है। यहां कद्दू, लौकी, टमाटर, बैंगन, लोबिया, तरोई, खीरा, अरवी और पुदीना जैसी विभिन्न सब्जियों की जैविक खेती की जा रही है। बिना रासायनिक उर्वरकों के उगाई जा रही ये सब्जियां आत्मनिर्भरता और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दे रही हैं।
उद्यान में आम, कटहल और नींबू जैसे फलदार वृक्ष भी लगाए गए हैं, जो परिसर की सुंदरता बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं। हाल ही में उन्होंने तीन आम, दो पाखड़ सहित आठ विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण भी कराया है, जिससे परिसर और अधिक हराभरा हो गया है।
उद्यान में आम, कटहल और नींबू जैसे फलदार वृक्ष भी लगाए गए हैं, जो परिसर की सुंदरता बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं। हाल ही में उन्होंने तीन आम, दो पाखड़ सहित आठ विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण भी कराया है, जिससे परिसर और अधिक हराभरा हो गया है।
