मैं अपना रास्ता खुद बनाना चाहता हूं, वर्ल्ड चैंपियनशिप में डेब्यू करना मेरे लिए एक शानदार मौका: आयुष शेट्टी


नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष शेट्टी वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपने डेब्यू के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वह भारत के मशहूर खिलाड़ियों की उपलब्धियों से अपनी तुलना करने के बजाय अपनी शर्तों पर खेलना चाहते हैं। टूर्नामेंट के पहले राउंड में उनका सामना चीन के वर्ल्ड नंबर 1 खिलाड़ी शी यू क्यूई से होगा।

साल की शुरुआत में निंगबो में बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में उपविजेता के तौर पर चर्चा में आए 21 वर्षीय आयुष को वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपने डेब्यू पर ही एक बड़ी चुनौती का सामना करना होगा। शी ने कॉन्टिनेंटल चैंपियनशिप के फाइनल में शेट्टी को सीधे गेम में हराया था, लेकिन इस बार भारतीय खिलाड़ी ज्यादा अनुभव और घरेलू दर्शकों के समर्थन के साथ रीमैच में उतरेंगे।

जब उनसे पूछा गया कि क्या वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारतीय स्टार्स की उपलब्धियां उनके लिए कोई बेंचमार्क तय करती हैं, तो शेट्टी ने कहा कि वे अपने से पहले आए खिलाड़ियों की नकल करने के बजाय अपने खुद के स्टैंडर्ड स्थापित करना पसंद करेंगे। आयुष ने आईएएनएस के साथ बात करते हुए कहा, “मैं इसे बेंचमार्क के तौर पर नहीं देखता। मैं अपना रास्ता खुद बनाना चाहता हूं। अपना बेंचमार्क खुद तय करना चाहता हूं। मैं इस बात पर ध्यान नहीं दे रहा हूं कि दूसरों ने क्या किया है या खेल को क्या दिया है। वे खेल के दिग्गज हैं। मैं खुद पर अधिक ध्यान दे रहा हूं, बेहतर खेलते रहना चाहता हूं और मैच जीतना चाहता हूं। मैं इसे इसी तरह देखता हूं।

“मैं अगली पीढ़ी के लिए बेंचमार्क सेट करने के बारे में सोचकर दबाव नहीं लेना चाहता। मैं खेल का मजा लेना चाहता हूं। चूंकि यह घरेलू टूर्नामेंट है, इसलिए दबाव तो है ही, लेकिन भारत में वर्ल्ड चैंपियनशिप में डेब्यू करना मेरे लिए एक शानदार मौका है। मैं इसे सच में एक खास टूर्नामेंट मानता हूं।”

शेट्टी के नजरिए से परीक्षा शुरुआत से ही होगी, क्योंकि ड्रॉ में उन्हें शायद सबसे मुश्किल चुनौती मिली है। मौजूदा चैंपियन शी हाल पिछले कुछ हफ्तों में अपनी बेहतरीन फॉर्म में नहीं रहे हैं, जिससे भारतीय खिलाड़ी के पास मुकाबले को पिछली बार की तुलना में ज्यादा कड़ा बनाने का मौका है।

इस बीच, शेट्टी अपने खेल के उन पहलुओं पर काम कर रहे हैं जो शी जैसे खिलाड़ी के खिलाफ अहम साबित हो सकते हैं। अगर पहले राउंड का मुकाबला शारीरिक रूप से बहुत ज्यादा मेहनत वाला होता है, तो उनके डिफेंस और फिटनेस में हुआ सुधार काफी अहम साबित हो सकता है। हालांकि, 21 साल के इस खिलाड़ी के लिए यह मौका जितना इस अवसर का लाभ उठाने का है, उतना ही बड़ी चुनौती का सामना करने का भी है। भारत 17 साल में पहली बार इस इवेंट की मेजबानी कर रहा है और घरेलू दर्शकों के सामने खेलना उनके पहले वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के अनुभव को और खास बनाता है।

शेट्टी ने कहा, “कुछ उम्मीदें तो हैं ही। मैं यह नहीं कहूंगा कि लोग यह नहीं सोच रहे कि मैं आगे तक जाऊंगा। हालांकि, मेरा पहला मैच वर्ल्ड नंबर 1 के खिलाफ एक बड़ी चुनौती होगी। इसी वजह से मुझे बहुत समर्थन की उम्मीद है। मुझे लगता है कि मुझसे उम्मीदें होंगी, और मैं सच में उत्साहित हूं। मैं इसका बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।”

–आईएएनएस

एसएम/एएस


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