UP: लोहिया विधि विश्वविद्यालय आज से करेगा दिव्यांग की सुविधाओं का आंकलन, 22 सितंबर तक पूरा होगा कार्य

दिव्यांगों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। पेंशन के लिए उन्हें कार्यालयोें के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसा क्यों हो रहा है? और इसके लिए कौन जिम्मेदार हैं।

इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी राजधानी के डा.राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय को मिली है। विश्वविद्यालय सोमवार से राजधानी समेत प्रदेश के सभी जिलों में दिव्यांगों की स्थिति का आंकड़ा तैयार करेगा। 22 सितंबर तक कार्य पूरा होगा। उच्चतम न्यायालय के प्रोजेक्ट एबिलिटी एंपावरमेंट के तहत प्रदेशभर के दिव्यांगों की वर्तमान स्थिति का आंकलन किया जाना है।

अध्ययन में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के तहत उपलब्ध सुविधाओं, संस्थागत तंत्र, पहुंच, योग्यता, अधिकारों के संरक्षण और सरकारी योजनाओं के प्रभावी पालन का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा। प्रदेश में दिव्यांगों की पड़ताल कर रिपोर्ट 22 सितंबर तक केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को भेजनी है।विश्वविद्यालय के प्रो. मनीष सिंह के निर्देशन में अध्ययन किया जाएगा। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डा.शशांक शेखर ने बताया कि देश के नौ विधि विश्वविद्यालयों को अध्ययन की जिम्मेदारी है। इसमे डा.राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय भी शामिल है।

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