मध्य पूर्व एशिया में जारी संकट और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर हज यात्रियों पर भी पड़ा है। हज पर इनकी यात्रा महंगी हो गई है। ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का व्यापक असर होने लगा है।एयरलाइंस की किराया बढ़ाने की मांग पर विचार करते हुए अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय ने हज के एयर चार्टर आपरेशन के लिए संशोधित किराया मंजूर कर दिया है।
हज कमेटी आफ इंडिया ने सर्कुलर जारी कर हज यात्रियों चाहे वे जा चुके हों या अभी यात्रा पर जाने वाले हों सभी से प्रति यात्री करीब 100 अमेरिकी डालर (लगभग 10 हजार रुपये) अतिरिक्त जमा करने को कहा है।
यह राशि 15 मई तक जमा करना अनिवार्य है। भुगतान हज कमेटी की आधिकारिक वेबसाइट, हज सुविधा ऐप, या स्टेट बैंक और यूनियन बैंक आफ इंडिया की शाखाओं में पे-इन-स्लिप के माध्यम से किया जा सकता है। हज कमेटी ने राज्यों को यात्रियों को तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए हैं। हज ट्रेनर फरहान खालिद ने बताया कि लखनऊ से इस वर्ष लगभग छह हजार यात्री हज पर जा रहे हैं, जिनमें अधिकांश पहले ही रवाना हो चुके हैं।
