नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली के अमर कॉलोनी इलाके में आईआरएस अधिकारी की बेटी की हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि आरोपी पहले से उस घर में रह रहे लोगों की दिनचर्या के बारे में जानता था। इसी को ध्यान में रखते हुए वह घर में घुसा और वारदात को अंजाम दिया।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने दक्षिण-पूर्वी दिल्ली की अमर कॉलोनी में एक वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी की हत्या और कथित यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान राहुल मीणा के रूप में हुई है। उसे 22 अप्रैल को कई टीमों के संयुक्त अभियान के बाद द्वारका से पकड़ा गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी पहले ही उस घर से परिचित था और परिवार की रोजमर्रा की दिनचर्या के बारे में जानता था। घटना वाले दिन, जब पीड़िता के माता-पिता बाहर गए हुए थे तो वह कथित तौर पर घर में घुस गया।
सूत्रों ने बताया कि पीड़िता छत पर बने स्टडी रूम में थी, जहां वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। लाश के पास एक टूटा हुआ लैंप मिला। हालांकि उस पर खून के कोई निशान नहीं थे। पुलिस को शक है कि पीड़िता पर किसी भारी चीज से भी हमला किया गया था। हालांकि, जांचकर्ताओं ने घटनास्थल से एक मोबाइल चार्जिंग वायर भी बरामद किया है, जिसकी जांच सबूत के तौर पर की जा रही है। शक है कि हमले के बाद यौन हिंसा भी की गई थी।
जांचकर्ताओं ने बताया कि इसके बाद आरोपी ने घर में रखी कीमती चीजों तक पहुंचने की कोशिश की। उसने कथित तौर पर पीड़िता के फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल करके एक लॉकर खोलने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो पाया। इसके बाद उसने लॉकर को तोड़कर उसमें से नकदी और गहने निकाले और फरार हो गया। माना जा रहा है कि घटनास्थल से भागने से पहले आरोपी ने अपने कपड़े भी बदल लिए थे।
पुलिस सूत्रों ने आगे बताया कि आरोपी को ऑनलाइन जुए की लत थी और कथित तौर पर वह इस घटना से एक दिन पहले राजस्थान के अलवर में भी इसी तरह के एक अपराध में शामिल था।
हालांकि आरोपी ने लूटपाट को ही अपना मकसद बताया है, लेकिन जांचकर्ता इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि कहीं यह हत्या पहले से सोची-समझी साजिश तो नहीं थी। इस मामले में आगे की जांच जारी है।
–आईएएनएस
पीआईएम/एएस
