नई दिल्ली, 9 जून (केसरिया न्यूज़)। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (पीएसबी) तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को अपना रहे हैं और ग्राहक सेवा, परिचालन दक्षता तथा जोखिम मूल्यांकन को बेहतर बनाने के लिए नई पीढ़ी की तकनीकों को अपनाने के इच्छुक हैं। यह बात सेल्सफोर्स इंडिया और साउथ एशिया की प्रेसिडेंट एवं सीईओ अरुंधति भट्टाचार्य ने मंगलवार को कही।
आईएएनएस के साथ एक खास इंटरव्यू में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की पूर्व चेयरपर्सन ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने यह समझ लिया है कि उन्हें तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया के साथ कदम मिलाकर चलना होगा। उन्होंने कहा कि इन बैंकों की एक खासियत यह है कि जब वे किसी बदलाव का फैसला कर लेते हैं, तो उसे तेजी से लागू भी करते हैं।
उन्होंने कहा, “सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अब इस वास्तविकता को समझ रहे हैं कि उन्हें इस नए दौर का हिस्सा बनना होगा। इन बैंकों की अच्छी बात यह है कि जब वे कोई निर्णय लेते हैं, तो बहुत तेजी से आगे बढ़ते हैं।”
अरुंधति भट्टाचार्य के अनुसार, कई सरकारी बैंक तकनीक को चरणबद्ध तरीके से अपनाने के बजाय सीधे अत्याधुनिक तकनीकों तक पहुंचने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। यह उनके डिजिटल बदलाव को तेजी से अपनाने के इरादे को दर्शाता है। उन्होंने खास तौर पर “एजेंटिक एआई” की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। यह ऐसी एआई तकनीक है जो स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकती है और उपयोगकर्ताओं के साथ संवाद भी कर सकती है। उनका मानना है कि यह बैंकिंग क्षेत्र में ग्राहक सेवा को काफी बेहतर बना सकती है।
उन्होंने कहा, “एजेंटिक एआई विशेष रूप से ग्राहक सेवा के लिए बेहद उपयुक्त है, जो बैंकिंग क्षेत्र में लंबे समय से एक चुनौती रही है।”
भट्टाचार्य ने बताया कि एआई बैंकों की अंडरराइटिंग प्रक्रिया (ऋण मूल्यांकन) को मजबूत बना सकता है। यह विभिन्न स्रोतों से डेटा का विश्लेषण करके संभावित जोखिमों की पहचान कर सकता है और निर्णय लेने में होने वाली गलतियों को कम कर सकता है।
उन्होंने कहा कि यह तकनीक परिचालन दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ बैंकों को ग्राहकों के साथ अधिक प्रभावी तरीके से जुड़ने में भी मदद करेगी।
इसके अलावा, एआई-आधारित उपकरण बैंकों को अधिक ग्राहकों तक पहुंच बनाने, व्यक्तिगत सेवाएं प्रदान करने और कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने में भी सहायता कर सकते हैं।
अरुंधति भट्टाचार्य ने आईएएनएस को बताया कि सेल्सफोर्स ने अपने सपोर्ट सिस्टम में एजेंटिक एआई शामिल करने के बाद ग्राहक सहभागिता में बढ़ोतरी देखी है।
उन्होंने आईएएनएस से कहा, “जब हमने अपनी हेल्पलाइन में एजेंटिक एआई की परत जोड़ी, तो हमने पाया कि ग्राहक पहले से ज्यादा सवाल पूछने लगे क्योंकि उन्हें उपयोगी जवाब मिल रहे थे। यही सिद्धांत बैंकिंग क्षेत्र में भी लागू हो सकता है।”
भट्टाचार्य ने आगे कहा कि आने वाले समय में एआई बैंकिंग क्षेत्र के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वित्तीय संस्थान ग्राहक सेवा, ऋण वितरण, जोखिम प्रबंधन और संचालन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में इसके उपयोग की संभावनाओं का लगातार अध्ययन कर रहे हैं।
–केसरिया न्यूज़
