यूपी: चुनाव से पहले टिकट बेचने के आरोपों से घिरी निषाद पार्टी, तो मैदान में उतरे संजय निषाद, गठित की 4 सदस्यीय जांच समिति

विधानसभा चुनाव से पहले टिकट बेचने के आरोपों से घिरी निषाद पार्टी में विवाद बढ़ने के बाद अब पार्टी नेतृत्व खुद मैदान में उतर आया है। पूर्व प्रदेश चुनाव प्रभारी के कथित वीडियो के सामने आने के बाद निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय आंतरिक समिति गठित कर दी है। समिति को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

मामला एक मीडिया संस्थान के स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ा है, जिसमें निषाद पार्टी के एक पदाधिकारी का कथित वीडियो सामने आया है। वीडियो में विधानसभा टिकट दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की मांग किए जाने का दावा किया गया है। कथित बातचीत में कहा गया कि विधायक का टिकट पाने के लिए पांच करोड़ रुपये तक खर्च करने होंगे, जबकि राशि का एक हिस्सा पहले और शेष टिकट घोषित होने से पहले देना होगा।

वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं। विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाया तो निषाद पार्टी नेतृत्व ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच का फैसला किया। पार्टी का कहना है कि संगठन में टिकटों की खरीद-फरोख्त के लिए कोई स्थान नहीं है और आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक जांच समिति वीडियो की सत्यता, संबंधित पदाधिकारियों की भूमिका और पूरे घटनाक्रम की पड़ताल करेगी। समिति संबंधित व्यक्तियों के बयान भी दर्ज करेगी और अपनी रिपोर्ट सीधे पार्टी नेतृत्व को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

स्टिंग में क्या-क्या दावे?

• विधानसभा टिकट के लिए 5 करोड़ रुपये तक मांगने का कथित दावा
• आधी रकम पहले और बाकी टिकट घोषणा से पहले देने की बात
• पिछली बार 2 से 8 करोड़ रुपये तक टिकट तय होने का दावा
• वीडियो सामने आने के बाद निषाद पार्टी ने बनाई जांच समिति
• एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपेगी चार सदस्यीय कमेटी

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