बहुजन समाज पार्टी (बसपा) मायावती ने मध्य पूर्व एशिया में व्याप्त तनाव पर चिंता व्यक्त करते हुये केंद्र और राज्य सरकारों से जन हित में उचित कदम उठाने की अपील की है। मायावती ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों से ‘संयम’ बरतने की अपील का हवाला देते हुए कहा कि इससे साफ है कि भारत के सामने संकट केवल पेट्रोल, डीज़ल और रसोई गैस जैसे पेट्रोलियम पदार्थों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह एक बड़े आर्थिक संकट का रूप ले सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि इस संकट से करोड़ों भारतीयों का जीवन प्रभावित होगा और स्थिति के और बिगड़ने की भी संभावना है।
बसपा प्रमुख ने अपने बयान में कहा कि कोरोना काल की मार के बाद देश की लगभग सौ करोड़ जनता पहले से ही रोज़ी-रोटी के संकट से जूझ रही है। ऐसी स्थिति में जनता के पास और अधिक संयमित होने या खोने के लिए कुछ खास नहीं बचा है।उन्होने केंद्र और सभी राज्य सरकारों से अपील की कि इस विकट परिस्थिति में गरीब और मेहनतकश परिवारों को थोड़ी राहत देकर उनका सहारा बनें। उन्होंने कहा कि सरकारों को खुद ही कुछ बेहतर उपाय करने चाहिए ताकि जनता को इस संकट से उबारा जा सके। उन्होंने इसे जन और देशहित में उचित बताया और कहा कि यही आम जन की भावना है।
