हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने के बाद भी 100 डॉलर की रेंज में सकता है कच्चा तेल : रिपोर्ट

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नई दिल्ली, 12 मई (केसरिया न्यूज़)। कच्चे तेल की कीमत आने वाले समय में 100 डॉलर प्रति बैरल की निचली रेंज में रह सकती है। इसकी वजह पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण आपूर्ति श्रृंखला में रुकावटें आना है। यह जानकारी जेपी मॉर्गन द्वारा जारी एक रिपोर्ट में दी गई।

निवेश बैंक ने कहा कि आने वाले हफ्तों में हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने के बाद भी बाकी बचे वर्ष में कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल की निचली रेंज में रह सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, शिपिंग, ​​रिफाइनरी संचालन और टैंकरों की उपलब्धता में व्यवधान से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं पर दबाव बना रहने की संभावना है, जिससे कीमतों में तेज सुधार नहीं हो पाएगा।

वैश्विक ब्रोकरेज फर्म ने अनुमान लगाया है कि 2026 में ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत लगभग 97 डॉलर प्रति बैरल रह सकती है, जिससे संकेत मिलता है कि ऊर्जा बाजारों को मध्यम अवधि में आपूर्ति की कमी का सामना करना पड़ सकता है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि केवल हॉर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने से बाजार में तुरंत स्थिरता नहीं आएगी। इसकी कच्चे तेल के परिवहन नेटवर्क में लॉजिस्टिक्स संबंधी चुनौतियां कई महीनों तक बनी रहने की संभावना है।

अमेरिका-ईरान संघर्ष जारी रहने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी है। मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब एक प्रतिशत बढ़कर 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहा था। यह उछाल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वाशिंगटन के शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया की आलोचना करने के बाद आया, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक तेल प्रवाह पर इसके प्रभाव को लेकर नई चिंताएं पैदा हुईं।

वहीं, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड एक प्रतिशत की मजबूती के साथ 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है। इसके अलावा, रिपोर्टों के मुताबिक, अप्रैल में ओपेक द्वारा कच्चे तेल का उत्पादन 830,000 बैरल प्रति दिन घटकर 20.04 मिलियन बैरल प्रति दिन हो गया।

–केसरिया न्यूज़

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