वनडे विश्व कप की तरह टी20 विश्व कप भी जीते भारतीय टीम: पूजा वस्त्रकार

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नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सबसे अनुभवी ऑल-राउंडर में से एक, पूजा वस्त्रकार का कहना है कि दक्षिण अफ्रीका में विराट कोहली के साथ अचानक मुलाकात के दौरान वह नर्वस हो गई थीं और इस वजह से वह उनसे बात नहीं कर पाईं।

विमेंस प्रीमियर लीग में आरसीबी की तरफ से खेलने वाली और मौजूदा समय में मध्यप्रदेश प्रीमियर लीग टी20 (एमपीएल टी20) में चंबल घड़ियाल की कप्तानी कर रही पूजा वस्त्रकार ने आईएएनएस के साथ खास बातचीत में बताया, “मैं विराट से दक्षिण अफ्रीका में मिली थी, लेकिन मैंने उनसे बात नहीं की। हम एयरपोर्ट पर थे। मुझे लगा कि वह व्यस्त हैं। शायद मैं नर्वस थी, इसलिए मैंने उनसे बात नहीं की। अगर आप एनसीए (बीसीसीआई सीओई) जाते हैं, तो आप वहां सभी खिलाड़ियों से मिलते हैं। वहां कोच होते हैं। हमारी टीम में बहुत सारे सीनियर खिलाड़ी हैं। वे छोटी-छोटी चीजों में हमारी मदद करते हैं। इसलिए, मैंने उनसे उस लेवल पर बात नहीं की।”

एमपीएल टी20 के बारे में पूजा ने कहा, “लड़कियों के लिए यह प्लेटफॉर्म बहुत बड़ा है। जब उन्हें प्लेटफॉर्म मिलता है, तो उन्हें अपनी स्किल्स दिखाने का मौका मिलता है। जब इस तरह का कोई टूर्नामेंट होता है, तो सभी स्काउट मेंबर्स शामिल होते हैं, और उनकी नजर खिलाड़ियों पर होती है। मुझे लगता है कि उन्हें भी पता है कि यह खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा प्लेटफॉर्म है और वे कड़ी मेहनत कर रहे हैं।”

भविष्य के संभावित खिलाड़ी अन्य खिलाड़ियों से कैसे अलग होते हैं? इसके जवाब में उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि अनुशासन बहुत जरूरी है। बहुत से लोग कड़ी मेहनत करते हैं, बहुत से लोगों में प्रतिभा होती है। अनुशासन का अर्थ यह हुआ कि अगर आप एक ओवर गेंदबाजी कर रहे हैं, तो सभी 6 गेंद कप्तान के मुताबिक डालें। अगर आप बल्लेबाजी कर रहे हैं, अगर स्कोर 120 है, तो क्या आप आखिर तक टिके रह सकते हैं और उसे चेज कर सकते हैं? यहीं पर अनुशासन एक खिलाड़ी को स्टार बनाने में बहुत जरूरी होता है।”

कप्तान के तौर पर पूजा ने कहा कि उनकी जिम्मेदारियां उनके निजी प्रदर्शन से कहीं ज्यादा हैं।

उन्होंने कहा, “जब आप किसी फ्रेंचाइजी या स्टेट टीम के कप्तान होते हैं, तो आपको सिर्फ अपने लिए ही नहीं, बल्कि 15 सदस्यों और सपोर्टिंग स्टाफ के लिए भी जिम्मेदारी से काम करना होता है। बहुत सारी जिम्मेदारियां हैं। टीम के बारे में सोचना, उसे फाइनल तक ले जाना, सारे उतार-चढ़ाव। माहौल बहुत अच्छा होना चाहिए। इसलिए, जब जिम्मेदारी की बात आती है तो चीजें बहुत अलग होती हैं। एक खिलाड़ी के तौर पर, मुझे बचपन से ही जिम्मेदारी लेना पसंद है। मैं अपनी कप्तानी का मजा ले रही हूं।”

राष्ट्रीय टीम में अपने प्रदर्शन को मिलने वाली पहचान पर उन्होंने कहा, “मुझे कभी नहीं लगा कि नेशनल टीम में मेरे योगदान का कोई भी हिस्सा अनदेखा रह गया है। जब भी मेरी बल्लेबाजी की जरूरत पड़ी, मैंने रन बनाए, गेंदबाजी में भी विकेट लिए, और यह हर फॉर्मेट की बात है।”

एक युवा खिलाड़ी के तौर पर अपनी सोच पर पूजा ने कहा, “सभी को पूजा पर भरोसा था। वे जानते थे कि मैं बहुत प्रतिभावान हूं और एक दिन भारत के लिए खेलूंगी और बेहतरीन खिलाड़ी बनूंगी। मैं शुक्रगुजार हूं, हां। मैंने उस समय से लेकर अब तक अपने अंदर बहुत फर्क देखा है। जब आप डेब्यू करते हैं, तो उतार-चढ़ाव आते हैं। इसे संभालना थोड़ा मुश्किल होता है। जैसे-जैसे आपको अनुभव होता है, आपका एटीट्यूड बदलता है और आप कूल, शांत और कंपोज्ड हो जाते हैं।”

भारतीय महिला टीम के लिए 5 टेस्ट, 33 वनडे और 72 टी20 खेल चुकी पूजा वस्त्राकर को टी20 विश्व कप 2026 की टीम में जगह नहीं मिली है।

भारतीय टीम के लिए संदेश के रूप में उन्होंने कहा, “जैसे टीम ने वनडे विश्व कप जीता था, वैसे ही टी20 विश्व कप भी घर लाएं।”

–आईएएनएस

पीएके

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