ग्रेटर नोएडा के कोचिंग सेंटरों में अग्नि सुरक्षा जांच अभियान शुरू, मानकों में कमी मिलने पर सीलिंग की चेतावनी


ग्रेटर नोएडा, 11 जुलाई (आईएएनएस)। शहर में संचालित कोचिंग सेंटरों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए शनिवार से विशेष जांच अभियान शुरू कर दिया। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने अल्फा कमर्शियल बेल्ट स्थित ओम टावर में संचालित 11 कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण कर वहां लगाए गए अग्निशमन उपकरणों और सुरक्षा इंतजामों की बारीकी से जांच की।

इस दौरान कुछ संस्थानों में फायर सेफ्टी के उपकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए, जबकि कई कोचिंग सेंटरों में गंभीर कमियां सामने आईं। ऐसे संस्थानों को तत्काल सभी सुरक्षा मानकों का पालन करने और आवश्यक उपकरण लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

संयुक्त निरीक्षण दल में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी मुकेश कुमार सिंह, अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ फायर ऑफिसर विनोद पांडेय तथा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार निम शामिल रहे। टीम ने प्रत्येक कोचिंग सेंटर में फायर एक्सटिंग्विशर, आपातकालीन निकास, सुरक्षा संकेतक, अग्निशमन व्यवस्था और अन्य आवश्यक उपकरणों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

दरअसल, हाल ही में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिले के सभी कोचिंग सेंटरों को 15 दिनों के भीतर अग्निशमन संबंधी सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरण लगाने और मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) श्रीलक्ष्मी वीएस ने भी अधिकारियों के साथ बैठक कर अभियान चलाने और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

प्रशासन द्वारा निर्धारित 15 दिन की समयसीमा आगामी सोमवार को समाप्त हो रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए शनिवार से जांच अभियान तेज कर दिया गया है। निरीक्षण के दौरान जिन कोचिंग सेंटरों में कमियां पाई गईं, उन्हें सोमवार तक सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का अंतिम अवसर दिया गया है।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि दोबारा निरीक्षण के दौरान यदि फायर सेफ्टी मानकों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित कोचिंग सेंटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें सील किया जा सकता है।

प्रशासन का कहना है कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले दिनों में ग्रेटर नोएडा के अन्य क्षेत्रों में संचालित कोचिंग संस्थानों की भी इसी तरह जांच की जाएगी।

अधिकारियों ने सभी संस्थान संचालकों से अपील की है कि वे निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करें, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना की स्थिति में छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

–आईएएनएस

पीकेटी/एएसएच


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