बच्चों और बुजुर्गों को हीटवेव का खतरा सबसे ज्यादा, जानें बचाव के आसान उपाय


नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। देश में गर्मी तेजी से बढ़ रही है और हीटवेव या लू का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, बच्चों और बुजुर्गों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन आयु वर्ग के लोगों का शरीर तापमान को जल्दी नियंत्रित नहीं कर पाता, जिससे वे लू की चपेट में जल्दी आ सकते हैं।

नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, बच्चों और बुजुर्गों को इस मौसम में लू लगने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इनकी उम्र के कारण शरीर तापमान को जल्दी नियंत्रित नहीं कर पाता, जिससे डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में इन दोनों आयुवर्ग के लोगों की विशेष देखभाल जरूरी है।

बच्चों का शरीर अभी पूरी तरह विकसित नहीं होता और उनकी पसीने की ग्रंथियां भी कम सक्रिय होती हैं। वहीं, बुजुर्गों में कई बार दवाइयों का असर या कमजोर स्वास्थ्य के कारण शरीर गर्मी को सहन नहीं कर पाता। दोनों ही मामलों में लू लगने की आशंका बढ़ जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी से इन जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

लू लगने के मुख्य लक्षणों पर नजर डालें तो इनमें चक्कर आना, तेज सिरदर्द, ज्यादा पसीना आना, अचानक कमजोरी महसूस होना, मतली या उल्टी जैसा लगना। अगर किसी बच्चे या बुजुर्ग में ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और उन्हें ठंडी जगह पर ले जाएं। ऐसे में एनएचएम सुरक्षा के आसान और प्रभावी उपाय भी बताता है।

पानी ज्यादा पिएं: – बच्चों और बुजुर्गों को बार-बार पानी पिलाएं। सामान्य पानी के साथ नींबू पानी, छाछ या ओआरएस घोल भी दिया जा सकता है। डिहाइड्रेशन से बचने के लिए तरल पदार्थों का सेवन जरूरी है।

धूप से बचाव: – बाहर निकलते समय सिर पर टोपी, आंखों पर चश्मा और हल्के, ढीले, सूती कपड़े पहनें। इससे शरीर की गर्मी आसानी से बाहर निकल सके।

दोपहर के समय घर में रहें: – दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर ही रखें। इस समय सूर्य की किरणें सबसे तेज होती हैं।

हल्का और पौष्टिक खाना: – भोजन में ज्यादा तेल-मसाले वाले भारी खाने से बचें। फल, सब्जियां, दही और हल्का खाना दें जो शरीर को ठंडक प्रदान करे और सुपाच्य हो।

परहेज रखें:- शराब, ज्यादा कैफीन वाली चीजें और बहुत ठंडे पेय पदार्थों से दूर रहें। ये शरीर के तापमान को असंतुलित कर सकते हैं। प्राकृतिक शरबत या जूस का सेवन करें।

शरीर की निगरानी: बच्चों और बुजुर्गों पर लगातार नजर रखें। अगर वे थकान महसूस करें या खेलने-घूमने में कम रुचि दिखाएं तो उन्हें आराम कराएं व डॉक्टर से सलाह लें।

स्वास्थ्य विभाग की सलाह है कि गर्मी के मौसम में घरों में पंखे, कूलर या एसी का इस्तेमाल करें और कमरों को ठंडा रखें। अगर किसी को लू लगने का शक हो तो उसे ठंडे पानी से नहलाएं, गीले कपड़े से शरीर पोछें और तुरंत चिकित्सकीय मदद लें। इन आसान उपायों से बच्चों और बुजुर्गों को गर्मी की मार से बचा सकते हैं।

–आईएएनएस

एमटी/एएस


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