'बॉबी' ने बनाया स्टार, शादी ने बदला करियर का रास्ता, दिलचस्प है डिंपल की कहानी


मुंबई, 7 जून (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा जगत में डिंपल कपाड़िया एक ऐसा नाम है, जिन्होंने कम उम्र में ही बड़ी सफलता हासिल की और बाद में अपने जीवन के फैसलों से सबको चौंका दिया। 8 जून 1957 को एक गुजराती परिवार में जन्मीं डिंपल कपाड़िया का सोमवार को जन्मदिन है। इस मौके पर जानते हैं उनकी फिल्मी और निजी जिंदगी से जुड़े किस्से-कहानियां।

डिंपल कपाड़िया को महज 16 साल की उम्र में फिल्म ‘बॉबी’ में लीड रोल का मौका मिला। निर्देशक राज कपूर की इस फिल्म ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। 1973 में रिलीज हुई ‘बॉबी’ उस दौर की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल रही। फिल्म में डिंपल के अभिनय और उनकी मासूम छवि को दर्शकों ने खूब पसंद किया। पहली ही फिल्म से उन्हें ऐसी लोकप्रियता मिली, जिसका सपना हर नया कलाकार देखता है।

हालांकि, जिस समय ‘बॉबी’ रिलीज हुई, उससे कुछ महीने पहले ही डिंपल ने हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना से शादी कर ली थी। शादी के बाद उन्होंने फिल्मी दुनिया से दूरी बनाने का फैसला किया। कहा जाता है कि परिवार और वैवाहिक जीवन को प्राथमिकता देने के लिए उन्होंने अभिनय छोड़ दिया था। स्टारडम के शिखर पर पहुंचने के बावजूद उन्होंने घर-परिवार को ज्यादा महत्व दिया।

राजेश खन्ना और डिंपल कपाड़िया की शादी उस समय काफी चर्चा में रही थी। दोनों की उम्र में बड़ा अंतर था, लेकिन इसके बावजूद दोनों ने विवाह किया। इस रिश्ते से उनकी दो बेटियां ट्विंकल खन्ना और रिंकी खन्ना हुईं। शुरुआती दिनों में सब कुछ ठीक रहा, लेकिन समय के साथ दोनों के रिश्तों में खटास आ गई। बाद में डिंपल और राजेश खन्ना अलग रहने लगे। हालांकि, दोनों ने कभी औपचारिक रूप से तलाक नहीं लिया।

वैवाहिक जीवन में आई चुनौतियों के बाद डिंपल ने एक बार फिर अपने करियर की ओर ध्यान दिया। 1985 में रिलीज हुई फिल्म ‘सागर’ के जरिए उन्होंने शानदार वापसी की। इस फिल्म में उनके साथ ऋषि कपूर और कमल हासन नजर आए थे। फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने पसंद किया और डिंपल की दूसरी पारी सफल साबित हुई।

इसके बाद उन्होंने कई अलग-अलग तरह की फिल्मों में काम किया और खुद को एक मजबूत अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया। ‘राम लखन’, ‘खलनायक’, ‘क्रांतिवीर’, ‘गर्दिश’, ‘अर्जुन’, ‘दिल आशना है’ और ‘एतबार’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को सराहा गया। 1993 में आई फिल्म ‘रुदाली’ उनके करियर का अहम पड़ाव साबित हुई। इस फिल्म में दमदार अभिनय के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

समय के साथ डिंपल ने चरित्र भूमिकाओं में भी अपनी अलग पहचान बनाई। ‘लक बाय चांस’, ‘दबंग’, ‘पटियाला हाउस’ और ‘कॉकटेल’ जैसी फिल्मों में उन्होंने साबित किया कि अभिनय की उनकी क्षमता आज भी उतनी ही प्रभावशाली है।

–आईएएनएस

एमटी/पीएम


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