नई दिल्ली, 9 मई (केसरिया न्यूज़)। केंद्र सरकार ने चारों श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) को पूरी तरह लागू कर दिया है। सरकार ने इनके तहत बनाए गए नियमों को आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचित कर दिया है। इन सुधारों को पहली बार लागू किए जाने के पांच साल से ज्यादा समय बाद अब नया श्रम कानून ढांचा देश भर में पूरी तरह प्रभावी हो गया है।
चारों श्रम संहिताएं (वेतन संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता 2020) 21 नवंबर 2025 से लागू हो चुकी थीं।
अब नियमों के प्रकाशित होने के बाद देश भर में नई श्रम व्यवस्था पूरी तरह से लागू हो गई है।
गौरतलब है कि इन श्रम संहिताओं को 29 पुराने श्रम कानूनों को हटाकर एक सरल और व्यवस्थित ढांचा बनाने के लिए लाया गया था। हालांकि अधिकारियों के अनुसार, पहले कुछ व्यवस्थाएं इसलिए लागू नहीं हो पाई थीं क्योंकि उनसे जुड़े नियम अधिसूचित नहीं किए गए थे।
इससे पहले मई में श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने नए श्रम कानूनों के तहत 40 साल और उससे अधिक उम्र के सभी कर्मचारियों के लिए देशव्यापी वार्षिक स्वास्थ्य जांच अभियान शुरू किया था।
अब 40 वर्ष से ऊपर के सभी कर्मचारियों का हर साल देश भर में मुफ्त स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा।
डॉ. मंडाविया ने कहा कि चारों श्रम संहिताओं का लागू होना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस गारंटी को दर्शाता है, जिसके तहत देश भर के श्रमिकों को सम्मान, कल्याण और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि नए श्रम सुधारों में पुरुष और महिला कर्मचारियों के लिए समान वेतन का प्रावधान किया गया है। साथ ही मातृत्व अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दिया गया है। महिलाओं के लिए वर्क फ्रॉम होम की सुविधा भी शामिल की गई है।
इसके अलावा, नौकरी गंवाने वाले कर्मचारियों को दोबारा प्रशिक्षण देकर नए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय री-स्किलिंग फंड बनाने का भी प्रावधान किया गया है।
–केसरिया न्यूज़
