राजधानी में मेट्रो यात्रा अब और अधिक आधुनिक और सुरक्षित होने जा रही है। लखनऊ मेट्रो फेज-1बी के तहत ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पर चलने वाली ट्रेनें पूरी तरह ड्राइवरलेस होंगी। इस दिशा में उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने 15 अत्याधुनिक ट्रेन सेट और सिग्नलिंग सिस्टम के डिजाइन व निर्माण के लिए टेंडर जारी किया है। ई-टेंडर की अंतिम तिथि 16 जून निर्धारित की गयी है।नई ट्रेनें अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशन (यूटीओ) मोड पर चलेंगी, जिससे उनका संचालन पूरी तरह ड्राइवरलेस होगा। यह व्यवस्था कम्युनिकेशन-बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (सीबीटीसी) तकनीक पर आधारित होगी। ट्रेनें स्वतः चलेंगी, रुकेंगी और अपनी गति नियंत्रित करेंगी। साथ ही ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर से लगातार संपर्क में रहेंगी, जिससे सुरक्षा और निगरानी बेहतर होगी।
नई मेट्रो ट्रेनों में यात्रियों को हाईटेक सुविधाएं भी मिलेंगी। कोचों में इंफोटेनमेंट स्क्रीन पर लाइव स्ट्रीमिंग की सुविधा होगी। वहीं सीओ2 सेंसर आधारित एयर कंडीशनिंग सिस्टम यात्रियों की संख्या और वायु गुणवत्ता के अनुसार स्वतः कूलिंग नियंत्रित करेगा। सुरक्षा के लिए सभी कोचों में पैसेंजर इमरजेंसी इंटरकॉम सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे यात्री आपात स्थिति में सीधे ट्रेन ऑपरेटर से संपर्क कर सकेंगे। यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि लखनऊ मेट्रो देश की सबसे ऊर्जा-कुशल और विश्वसनीय मेट्रो सेवाओं में शामिल है।
यूपीएमआरसी नई ट्रेनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस सिस्टम भी लागू करेगा। इससे ट्रेनों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग और संभावित खराबियों का पहले से पता लगाया जा सकेगा। किसी तकनीकी समस्या का संकेत मिलते ही स्वतः जॉब कार्ड तैयार हो जाएगा।
