दुबई, 9 मई (आईएएनएस)। दक्षिण कोरियाई सरकार की एक टीम ने शनिवार को एचएमएम नामू नामक मालवाहक जहाज में लगी आग के कारणों की जांच जारी रखी। यह जहाज कोरियाई शिपिंग कंपनी एचएमएम द्वारा संचालित है और होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसा हुआ था।
अधिकारियों के हवाले से योनहाप न्यूज एजेंसी ने बताया कि एचएमएम नामू शुक्रवार तड़के (स्थानीय समयानुसार) मध्य पूर्व के सबसे बड़े जहाज मरम्मत केंद्र ‘ड्राईडॉक्स वर्ल्ड दुबई’ पहुंचा, जहां सरकारी जांच दल द्वारा उसका निरीक्षण किया जा रहा है।
योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, सात सदस्यीय टीम में कोरिया मेरीटाइम सेफ्टी ट्रिब्यूनल के तीन जांचकर्ता और नेशनल फायर एजेंसी के चार विशेषज्ञ शामिल हैं। अधिकारी बता रहे हैं कि टीम यात्रा डेटा रिकॉर्डर, सीसीटीवी फुटेज और चालक दल के सदस्यों के बयान की जांच कर रही है। नाविकों से इस हादसे को लेकर पूछताछ की गई।
शुक्रवार को सरकारी टीम ने 25 नाविकों को दुबई के एक आवास केंद्र में भेज दिया। इनमें से छह दक्षिण कोरियाई थे।
एचएमएम में सोमवार को आग लग गई थी, उसी दिन अमेरिका ने “प्रोजेक्ट फ्रीडम” शुरू किया था, जिसका उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच जलमार्ग में फंसे जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान करना था।
इस घटना के बाद विरोधाभासी दावे सामने आए हैं कि आग ईरानी हमले के कारण लगी या फिर किसी आंतरिक तकनीकी खराबी से।
इस बीच, दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री आहन-यू बेक अगले सप्ताह अमेरिका की यात्रा करेंगे, जहां वह अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच युद्धकालीन परिचालन नियंत्रण (ओपीसीओेएन) के हस्तांतरण सहित कई लंबित मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, आहन रविवार से पांच दिवसीय वाशिंगटन यात्रा पर रवाना होंगे और सोमवार (अमेरिकी समयानुसार) अपने अमेरिकी समकक्ष के साथ वार्ता करेंगे। रक्षा मंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली अमेरिका यात्रा होगी।
यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब दक्षिण कोरिया अमेरिका से अपने सैनिकों का युद्धकालीन नियंत्रण वापस लेने की कोशिश कर रहा है और अमेरिकी सहयोग से परमाणु ऊर्जा चालित पनडुब्बियां बनाने की योजना पर भी जोर दे रहा है।
–आईएएनएस
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