लखनऊ, 9 जुलाई (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने जल संरक्षण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘अमृत सरोवर योजना’ व ‘अमृत सरोवर योजना 2.0’ के तहत प्रदेश में 19,989 अमृत सरोवरों का निर्माण और पुनरुद्धार किया जा चुका है।
ग्राम्य विकास विभाग के अनुसार, अमृत सरोवरों के निर्माण और पुनरुद्धार के मामले में उत्तर प्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर है। इस अभियान से जल संरक्षण को मजबूती मिलने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
अमृत सरोवर निर्माण अभियान में प्रदेश पांच जिले हरदोई, आजमगढ़, गोरखपुर, महराजगंज व प्रयागराज टॉप पांच में शामिल हैं। यहां हरदोई प्रदेश में पहले स्थान पर है, जहां 1,202 सरोवरों का निर्माण किया जा चुका है। इसके अलावा आजमगढ़ में 797, गोरखपुर में 734, महराजगंज में 726 और प्रयागराज में 638 अमृत सरोवर विकसित किए गए हैं। प्रदेशभर में अब तक निर्माण एवं पुनरुद्धार का कुल आंकड़ा 19,989 तक पहुंच चुका है।
अमृत सरोवर योजना का उद्देश्य केवल पुराने जल स्रोतों का संरक्षण करना नहीं है, बल्कि वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देकर भूजल स्तर में सुधार लाना भी है। इन सरोवरों के माध्यम से किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल उपलब्ध हो रहा है, जिससे कृषि गतिविधियों को मजबूती मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ने के साथ पर्यावरणीय संतुलन को भी बल मिला है।
योगी सरकार ने अमृत सरोवरों को केवल जल संचय तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें ग्रामीण जीवन का आकर्षक केंद्र भी बनाया है। प्रत्येक अमृत सरोवर को कम से कम एक एकड़ क्षेत्रफल में विकसित किया गया है, जिसकी जल क्षमता लगभग 10 हजार घन मीटर है। सरोवरों के चारों ओर पक्के पैदल मार्ग, बैठने के लिए बेंच, प्रकाश व्यवस्था और व्यापक वृक्षारोपण की व्यवस्था की गई है। इससे गांवों में हरियाली और स्वच्छ वातावरण को बढ़ावा मिला है।
अमृत सरोवर योजना का एक बड़ा लाभ ग्रामीण रोजगार के रूप में भी सामने आया है। सरोवरों की खुदाई, गाद निकालने और सुंदरीकरण के कार्यों को विकसित भारत-जी राम जी (पूर्व में मनरेगा) से जोड़ा गया है। इससे प्रदेश के लाखों ग्रामीण परिवारों को अपने ही गांव में रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर आय के नए स्रोत भी विकसित हुए हैं।
अमृत सरोवरों के निर्माण और पुनरुद्धार से जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास के लक्ष्यों को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, हरियाली बढ़ाने और कृषि को सहयोग देने के साथ यह योजना गांवों में सतत विकास की मजबूत नींव तैयार कर रही है।
ग्राम्य विकास विभाग के अनुसार, अमृत सरोवर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण उत्तर प्रदेश देश के अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है। जल संरक्षण, पर्यावरण सुधार और ग्रामीण रोजगार को एक साथ जोड़ने वाली यह पहल प्रदेश में ग्रामीण समृद्धि और आत्मनिर्भरता को नई गति दे रही है।
–आईएएनएस
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