नई दिल्ली, 9 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू की निगरानी में दिल्ली विकास प्राधिकरण ने पूर्वी, दक्षिणी और उत्तरी क्षेत्रों में बारिश के पानी की निकासी वाली नालियों की गाद (सिल्ट) साफ करने का काम पूरा कर लिया है। एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि इस साल गाद हटाने का काम पिछले साल की तुलना में 70 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है।
अधिकारी ने बयान में कहा कि नरेला, रोहिणी और द्वारका क्षेत्रों में यह काम अंतिम चरण में है।
दिल्ली विकास प्राधिकरण ने मानसून से पहले शहर की जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने और भारी बारिश से निपटने की तैयारी के लिए मिशन मोड में नालियों की सफाई का काम शुरू किया था।
बयान में कहा गया कि उपराज्यपाल टीएस संधू लगातार विभिन्न एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं और खुद नालियों की सफाई के काम की निगरानी कर रहे हैं, ताकि भारी बारिश के दौरान दिल्लीवासियों को किसी तरह की परेशानी न हो।
उनके निर्देशों का पालन करते हुए डीडीए ने जमीन पर काम की गति बढ़ाई और नियमित रूप से इसकी प्रगति पर नजर रखी।
काम को बेहतर तरीके से पूरा करने के लिए दिल्ली को छह क्षेत्रों पूर्वी, दक्षिणी, उत्तरी, नरेला, रोहिणी और द्वारका में बांटा गया, ताकि योजना, निगरानी और काम समय पर पूरा किया जा सके।
इस साल नालियों की सफाई का स्तर डीडीए की बेहतर तैयारी और क्षमता को दिखाता है। पिछले साल मानसून से पहले चलाए गए अभियान में करीब 33,380 मीट्रिक टन गाद हटाई गई थी। इस साल अब तक 57,000 मीट्रिक टन से अधिक गाद हटाई जा चुकी है, जो पिछले साल की तुलना में 70 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी है।
डीडीए के अनुसार, मानसून के चरम दौर से पहले बड़े पैमाने पर की गई यह सफाई नालियों की पानी ले जाने की क्षमता बढ़ाएगी और बारिश के पानी की निकासी को बेहतर बनाएगी।
बाढ़ प्रबंधन की व्यापक योजना के तहत डीडीए ने एक केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष (सेंट्रल फ्लड कंट्रोल रूम) और सभी इंजीनियरिंग क्षेत्रों में अलग-अलग बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं।
जलभराव से जुड़ी शिकायतों के तुरंत समाधान के लिए 24×7 हेल्पलाइन भी शुरू की जा रही है। इसके अलावा, पानी भरने वाले संवेदनशील स्थानों पर मोबाइल पंपिंग यूनिट तैनात की गई हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर जमा बारिश का पानी जल्दी निकाला जा सके।
नालियों की सफाई के अलावा, जलभराव वाले इलाकों में नालियों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करना, पंप लगाने और जरूरत पड़ने पर अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय जैसे एहतियाती कदम भी उठाए गए हैं।
डीडीए ने कहा कि निकाली गई गाद का तुरंत निपटान और संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी से मानसून के लिए शहर की तैयारी और मजबूत हुई है। इन उपायों से जल निकासी बेहतर होगी, जलभराव की घटनाएं कम होंगी और बारिश के दौरान यातायात भी अधिक सुचारु रहेगा।
–आईएएनएस
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