भारत और सेशेल्स पुराने मित्र, हिंद महासागर हमारी साझी विरासत: पीएम मोदी


विक्टोरिया, 28 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करते हुए कहा कि हिंद महासागर भारत और सेशेल्स के बीच दूरी नहीं, बल्कि जुड़ाव का माध्यम है। यही कारण है कि दोनों देश एक-दूसरे से अजनबियों की तरह नहीं, बल्कि पुराने मित्रों की तरह मिलते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स के संबंध केवल 50 वर्ष पहले राजनयिक रिश्ते स्थापित होने से शुरू नहीं हुए थे। उन्होंने बताया कि अगस्त 1770 में जब ‘टेलीमैक’ नामक जहाज से पांच भारतीय सेंट ऐनी द्वीप पहुंचे थे, तभी दोनों देशों के रिश्तों की नींव पड़ गई थी। समय के साथ इन लोगों ने सेशेल्स के आधुनिक इतिहास और समाज का हिस्सा बनकर दोनों देशों के संबंधों को मजबूत किया।

उन्होंने कहा, “हमारे रिश्ते केवल सरकारों ने नहीं बनाए, बल्कि लोगों, परिवारों और पीढ़ियों ने इन्हें मजबूत किया है। हिंद महासागर ने इस संबंध को संभव बनाया। यह महासागर भारत और सेशेल्स को अलग नहीं करता, बल्कि जोड़ता है।”

प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की सांस्कृतिक विविधता की सराहना करते हुए कहा कि यहां दुनिया के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों ने अपनी भाषाओं, परंपराओं और संस्कृतियों को साथ लेकर एक साझा सेशेल्सी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि यही विविधता इस देश की सबसे बड़ी ताकत है।

पीएम मोदी ने सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी और वहां की जनता का उन्हें ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान से सम्मानित करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने वाले सभी लोगों को प्रेरित करेगा।

प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि 2015 में प्रधानमंत्री बनने के बाद हिंद महासागर क्षेत्र में उनकी पहली विदेश यात्रा सेशेल्स की ही थी। उन्होंने कहा कि उस समय भी उनका विश्वास था कि हिंद महासागर क्षेत्र के लिए भारत की रणनीति में सेशेल्स का विशेष स्थान है और एक दशक बाद यह विश्वास और भी मजबूत हुआ है।

उन्होंने सेशेल्स की स्वतंत्रता के 50 वर्ष पूरे होने पर वहां की सरकार और जनता को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत इस ऐतिहासिक अवसर पर उनके साथ शामिल होकर गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के रक्षा सहयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 1976 में सेशेल्स की स्वतंत्रता के समय भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि पोर्ट विक्टोरिया में मौजूद था। वहीं, स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती के अवसर पर आईएनएस तरकश और आईएनएस इक्षाक भी पोर्ट विक्टोरिया पहुंचे हैं।

उन्होंने कहा कि भारत सेशेल्स रक्षा बल और तटरक्षक बल की पेशेवर क्षमता तथा समर्पण का सम्मान करता है। दोनों देश समुद्री पड़ोसी हैं और एक-दूसरे की सुरक्षा, समृद्धि तथा हिंद महासागर क्षेत्र की स्थिरता के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले पांच दशकों में बहुत कुछ बदला है, लेकिन भारत और सेशेल्स की मित्रता और साझेदारी पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है।

–आईएएनएस

डीएससी


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