सेशेल्स के साथ भारत ने संबंधों को दी नई मजबूती, 1250 करोड़ की लाइन ऑफ क्रेडिट समेत कई समझौतों पर हस्ताक्षर


नई दिल्ली, 28 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 27 से 29 जून तक की सेशेल्स राजकीय यात्रा के दौरान भारत और सेशेल्स ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों ने स्वास्थ्य, शिक्षा, क्षमता निर्माण, डिजिटल परिवर्तन, अक्षय ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा, रक्षा, कृषि, अंतरिक्ष और वित्तीय सहयोग समेत कई क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई। यह जानकारी भारत के विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी एक बयान में दी।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के बीच विक्टोरिया स्थित स्टेट हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा, अवैध मछली पकड़ने, मादक पदार्थों की तस्करी और समुद्री डकैती जैसी क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान सेशेल्स की विकास प्राथमिकताओं के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि भारत दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे भरोसे और साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

दोनों नेताओं ने भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में संयुक्त स्मृति-लोगो का भी अनावरण किया।

इसके बाद क्षमता निर्माण, यूपीआई, स्वास्थ्य, कृषि, शिपिंग, अंतरिक्ष, प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) और लाइन ऑफ क्रेडिट से जुड़े कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने सेशेल्स को 1,250 करोड़ रुपये की लाइन ऑफ क्रेडिट उपलब्ध कराने की घोषणा की है।

इसके अलावा खाद्य सुरक्षा, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, व्यावसायिक प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में भी कई नई विकासात्मक पहलों की घोषणा की गई। साथ ही सेशेल्स ने कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (सीडीआरआई) में शामिल होने की भी घोषणा की।

यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स की नेशनल असेंबली के विशेष सत्र को भी संबोधित किया और ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने।

अपने संबोधन में उन्होंने भारत और सेशेल्स के बीच ऐतिहासिक मित्रता, लोकतंत्र, कानून के शासन और जन-केंद्रित सुशासन जैसे साझा मूल्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और घनिष्ठ सहयोग ने विकास, समुद्री सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार, स्वास्थ्य और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में मजबूत साझेदारी स्थापित की है। प्रधानमंत्री ने दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच संसदीय आदान-प्रदान को और बढ़ाने का भी आह्वान किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के विपक्ष के नेता बर्नार्ड जॉर्जेस से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-सेशेल्स संबंधों की समीक्षा करते हुए विशेष मित्रता को और मजबूत बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

सेशेल्स के स्वर्ण जयंती राष्ट्रीय दिवस समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम से भी मुलाकात की। नवंबर 2024 में रामगुलाम के पदभार संभालने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह चौथी बैठक थी।

बैठक में भारत और मॉरीशस के बीच चल रही विकास परियोजनाओं और भारत द्वारा दिए गए विशेष आर्थिक पैकेज की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत, मॉरीशस के विकास को विशेष महत्व देता है और दोनों देशों के बीच चल रही परियोजनाएं स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी, सतत विकास और ब्लू इकोनॉमी को नई गति देंगी।

दोनों नेताओं ने भारत-मॉरीशस उन्नत रणनीतिक साझेदारी, भारत के ‘विजन महासागर’ और ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही ग्लोबल साउथ के हितों और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता तथा समृद्धि के लिए मिलकर काम जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।

–आईएएनएस

डीएससी


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