खराब सड़कों और फुटपाथों पर तेजस्वी सूर्या का हमला, ‘ओपन स्ट्रीट्स बेंगलुरु’ अभियान शुरू करने की मांग


बेंगलुरु, 14 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद तेजस्वी सूर्या ने बेंगलुरु की जर्जर सड़कों, गड्ढों और बदहाल फुटपाथों को लेकर राज्य सरकार और नगर प्रशासन पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि बेंगलुरु को लोगों के लिए नहीं, बल्कि केवल वाहनों के लिए विकसित किया जा रहा है।

तेजस्वी सूर्या ने कहा कि शहर की सड़कें गड्ढों से भरी हुई हैं, जबकि फुटपाथ या तो टूटे हुए हैं, अतिक्रमण की चपेट में हैं या कई जगह पूरी तरह गायब हैं। ऐसे में पैदल चलना असुरक्षित और असुविधाजनक हो गया है तथा पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों की लगातार अनदेखी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि कोई भी महान शहर केवल फ्लाईओवरों से नहीं पहचाना जाता, बल्कि इस बात से उसकी पहचान बनती है कि वहां लोग कितनी सुरक्षित तरीके से पैदल चल सकते हैं, साइकिल चला सकते हैं, खेल सकते हैं और सार्वजनिक स्थानों पर एक-दूसरे के साथ संवाद कर सकते हैं।

सांसद ने शहर के लिए तीन प्रमुख मांगें भी रखीं। उन्होंने गड्ढा मुक्त और अच्छी गुणवत्ता वाली सड़कें, पूरे बेंगलुरु में लगातार और सुगम फुटपाथ तथा नागरिकों और समुदायों के लिए अधिक सार्वजनिक स्थान विकसित करने की मांग की।

इसके साथ ही तेजस्वी सूर्या ने ‘ओपन स्ट्रीट्स बेंगलुरु’ अभियान का प्रस्ताव रखा। उन्होंने सुझाव दिया कि हर महीने एक रविवार को शहर की चुनिंदा सड़कों और फ्लाईओवरों को कुछ घंटों के लिए वाहनों के बजाय केवल लोगों के लिए खोला जाए, ताकि नागरिक वहां पैदल चल सकें, साइकिल चला सकें, खेलकूद, व्यायाम और सामुदायिक गतिविधियों का आयोजन कर सकें तथा स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिल सके।

उन्होंने कहा कि दुनिया के कई शहर सार्वजनिक स्थानों को लोगों के लिए वापस हासिल कर रहे हैं और बेंगलुरु को भी इसी दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए। सूर्या ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी लग्जरी परियोजना की नहीं, बल्कि बुनियादी शहरी ढांचे, सुरक्षित सड़कों और बेहतर जीवन गुणवत्ता की है।

उन्होंने इस अभियान के लिए कम से कम 5 लाख नागरिकों के हस्ताक्षर जुटाने का लक्ष्य रखा है और लोगों से अपील की है कि वे इस याचिका पर हस्ताक्षर कर अपने परिवार, मित्रों और सहयोगियों के साथ इसे साझा करें, ताकि बेंगलुरु को अधिक पैदल-अनुकूल, रहने योग्य और नागरिक-केंद्रित शहर बनाने की दिशा में एक जनआंदोलन खड़ा किया जा सके।

–आईएएनएस

डीएससी


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