धर्मशाला, 13 जून (आईएएनएस)। अफगानिस्तान के सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज ने शनिवार को भारत के खिलाफ 51 गेंदों में 102 रन की तूफानी पारी खेली। इस शानदार पारी का श्रेय अफगान बल्लेबाज ने टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर को दिया है। गुरबाज ने बताया कि न्यू चंडीगढ़ में हुए टेस्ट मैच के बाद भारत के हेड कोच गौतम गंभीर के साथ हुई बातचीत से उन्हें अपने शॉट सिलेक्शन को बेहतर बनाने में मदद मिली।
गुरबाज ने इस पारी में 8 छक्के और इतने ही चौके लगाए। शानदार और साफ-सुथरे शॉट्स खेलते हुए, गुरबाज ने सिर्फ 48 गेंदों में अपना 9वां वनडे शतक पूरा किया, जो किसी अफगानी बल्लेबाज का सबसे तेज वनडे शतक था।
शतकीय पारी के बाद गुरबाज ने ब्रॉडकास्टर्स से कहा, “भारत के खिलाफ टेस्ट मैच के बाद, मेरी गौतम गंभीर सर के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई थी। उस चर्चा से मुझे सच में मदद मिली। मैंने नेट्स में उन सुझावों पर काम किया और मैं उस मार्गदर्शन के लिए बहुत आभारी हूं। जब टेस्ट मैच खत्म हुआ, तो मैंने उनसे कहा कि मैं अपने शॉट सिलेक्शन को बेहतर बनाना चाहता हूं। उन्होंने कुछ अच्छे सुझाव दिए और मैं आज उन्हें लागू कर पाया। मैंने बस सकारात्मक खेलने की कोशिश की और यह मेरे लिए कारगर रहा।”
अपनी रणनीति के बारे में बात करते हुए गुरबाज ने कहा, “मैं इस प्रदर्शन के लिए आभारी हूं। मुझे लगता है कि रणनीति बहुत सरल और आसान थी, बस सकारात्मक क्रिकेट खेलना। हमें पता था कि यह 25 ओवर का गेम है, लेकिन मैं अपने खेल को भी जानता हूं। मैंने बस खुद पर भरोसा किया और टीम के लिए खेला। योगदान देकर अच्छा लगा।”
गुरबाज की शानदार पारी के बावजूद, भारत के डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों गुरनूर बरार और हर्ष दुबे ने तीन-तीन विकेट लिए, जबकि अर्शदीप सिंह ने दो विकेट लिए। अफगानिस्तान की टीम 24.5 ओवर में 194 रन पर ऑलआउट हो गई। इसके जवाब में भारत ने 22.5 ओवरों में 7 विकेट शेष रहते मैच अपने नाम कर लिया।
अपनी शानदार पारी को लेकर गुरबाज ने कहा, “अपने देश के लिए कुछ करना और सभी को गौरवान्वित करना हमेशा अच्छा लगता है। मुझे अपनी ट्रेनिंग और तैयारी पर भरोसा है। मैं कड़ी मेहनत करता हूं और यह पारी उसी कड़ी मेहनत का नतीजा है। मैं बहुत आभारी हूं। भारत में भारत के खिलाफ शतक लगाना खास बात है, लेकिन जैसा कि मैंने कहा, यह मेरी मेहनत का फल है।”
गुरबाज ने माना कि बैटिंग करना आसान नहीं था। उन्होंने कहा, “सच कहूं तो विकेट आसान नहीं है, खासकर स्पिन के खिलाफ। स्पिनर्स को थोड़ी मदद मिल रही थी और गेंद टर्न भी हो रही थी। मेरा ध्यान खुद पर भरोसा रखने और सकारात्मक रहने पर था। पिच में स्पिनर्स के लिए निश्चित रूप से कुछ है, और अगर वे अच्छी गेंदबाजी करें, तो असर डाल सकते हैं।”
–आईएएनएस
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