जयपुर, 13 जून (आईएएनएस)। राजस्थान के डिडवाना-कुचामन जिले के पंचोटा गांव के निवासी 22 वर्षीय वायुसेना कर्मी अग्निवीर खेमाराम कुमावत शनिवार को असम के जोरहाट विमान हादसे में शहीद हो गए। यह हादसा तब हुआ जब विमान रोवरिया वायुसेना स्टेशन पर उतरने का प्रयास कर रहा था। भारतीय वायुसेना के एएन-32 परिवहन विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से पांच कर्मी शहीद हो गए।
दिसंबर 2022 में अग्निपथ योजना के तहत भारतीय वायुसेना में शामिल हुए खेमाराम का कार्यकाल पूरा होने वाला था।
परिवार के सदस्यों के अनुसार, हाल ही में उनके विवाह को लेकर बातचीत शुरू हुई थी। यह दुर्घटना शनिवार तड़के करीब 10 बजे लैंडिंग के दौरान हुई।
टकराव के बाद विमान में आग लग गई और खबरों के मुताबिक वह दो टुकड़ों में टूट गया।
खेमाराम के अलावा, इस दुर्घटना में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा और अग्निवीर वायु दानिश आलम की भी मृत्यु हो गई। एक सह-पायलट घायल हो गया।
खेमाराम के निधन की खबर से पंचोटा गांव और आसपास का इलाका शोक में डूब गया।
खेमाराम एक ऐसे परिवार से थे जिसकी जनसेवा की एक मजबूत परंपरा रही है। उनके पिता किसान हैं, जबकि उनके बड़े भाई राजेंद्र कुमार सिविल इंजीनियर हैं। उनके दो भाई केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में सेवारत हैं। गोविंदराम कुमावत चेन्नई हवाई अड्डे पर तैनात हैं, जबकि मनोज कुमावत उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हेड कांस्टेबल के पद पर हैं।
उनकी एक छोटी बहन भी है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है। उनके चचेरे भाई महेश कुमावत ने बताया कि परिवार अग्निवीर सेवा पूरी होने के बाद उनकी शादी तय करने की योजना बना रहा था।
उन्होंने कहा कि घर में शादी की चर्चा शुरू हो चुकी थी। हमने कभी सोचा भी नहीं था कि ऐसी दुखद खबर मिलेगी।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल राजेंद्र सिंह ने बताया कि खेमाराम का पार्थिव शरीर रविवार को नवा पहुंचने की उम्मीद है। वहां से तिरंगा यात्रा पार्थिव शरीर के साथ पंचोटा गांव जाएगी, जहां पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
भारतीय वायु सेना के शहीद अधिकारी के पार्थिव शरीर के परिवहन की व्यवस्था की जा रही है, जिसके चलते परिवार के सदस्य वायु सेना अधिकारियों के संपर्क में हैं।
–आईएएनएस
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