लखनऊ: चारबाग से बसंतकुंज तक दौड़ेंगी 15 मेट्रो ट्रेनें, पुराने लखनऊ को जाम से मिलेगी राहत, जुलाई से शुरू होगा काम

मेट्रो फेस-2 परियोजना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के एलिवेटेड स्टेशनों की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब जुलाई से निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इस कॉरिडोर के तहत चारबाग से बसंतकुंज तक करीब 12 किलोमीटर लंबा मेट्रो रूट तैयार किया जाएगा, जिससे शहर के पुराने और व्यस्त इलाकों में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी।

बनाए जाएंगे 12 स्टेशन 

इस परियोजना में कुल 12 स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें पांच स्टेशन एलिवेटेड और सात स्टेशन भूमिगत होंगे। मेट्रो रूट पुराने लखनऊ के घनी आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरेगा, जिससे रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस रूट पर 15 मेट्रो ट्रेनें संचालित की जाएंगी, ताकि भीड़ और प्रतीक्षा समय कम हो सके।

फेस-2 परियोजना में बसंतकुंज को मेट्रो डिपो के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां मेट्रो ट्रेनों के रखरखाव, मरम्मत और संचालन से जुड़े सभी तकनीकी कार्य किए जाएंगे। जनसंपर्क अधिकारी पंचानन मिश्रा ने बताया कि डिपो अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। सभी स्टेशन आधुनिक डिजाइन पर आधारित होंगे और पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद चारबाग से बसंतकुंज तक का सफर पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा।

जानें क्या होगा रूट

चारबाग, गौतम बुद्ध मार्ग, अमीनाबाद, पांडेयगंज, मेडिकल चौराहा (केजीएमयू), नवाजगंज, ठाकुरगंज, बालागंज, सरफराजगंज, मूसाबाग और बसंतकुंज।

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