मालवीय नगर अग्निकांड: गणेश गोदियाल बोले, जान बचाने को भागना कोई अपराध नहीं; केशव नेगी को तुरंत रिहा किया जाए


देहरादून, 7 जून (आईएएनएस)। दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में दिल्ली पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए कुक केशव नेगी के बचाव में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और भाजपा सांसद अनिल बलूनी के बाद अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी आ गए हैं। उन्होंने मांग की है कि केशव नेगी को तुरंत रिहा कर देना चाहिए।

मालवीय नगर अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हो गई। इस दुखद घटना पर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो पोस्ट कर गणेश गोदियाल ने कहा कि मालवीय नगर की इस घटना से मुझे बहुत गहरा दुख पहुंचा है। मैं सभी दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। भगवान मृतकों की आत्मा को शांति दे।

ईश्वर मृतकों की आत्माओं को शांति प्रदान करे। मैं दिल्लीवासियों की सेहत और सुरक्षा की कामना करता हूं। यह घटना बेहद दुखद और निंदनीय है। लेकिन इस दुखद घटना के बाद दिल्ली सरकार और पुलिस की कार्रवाई और भी अधिक चिंताजनक है। उन्होंने उत्तराखंड के एक नागरिक केशव नेगी को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने आग बुझाने में हिस्सा नहीं लिया। यह आरोप पूरी तरह से गलत और अन्यायपूर्ण है। जब आग लगती है तो हर व्यक्ति अपनी जान बचाने के लिए भागता है। केशव नेगी होटल के कुक थे, फायर डिपार्टमेंट या दमकल विभाग के कर्मचारी नहीं थे। आग बुझाने की प्राथमिक जिम्मेदारी फायर डिपार्टमेंट की होती है। एक आम व्यक्ति को, जो अपनी जान बचा रहा था, इस आधार पर अपराधी करार देना बिल्कुल गलत है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए एक निर्दोष उत्तराखंडी युवा को बलि का बकरा बना रही है। उत्तराखंड के 10 लाख से अधिक लोग दिल्ली में रहते हैं। वे यहां मेहनत करके अपना और अपने परिवार का पेट पालते हैं। पहले भी उनके साथ कई घटनाओं में भेदभावपूर्ण व्यवहार हुआ है, जो अब बर्दाश्त के बाहर है। मैं दिल्ली सरकार से मांग करता हूं कि केशव नेगी को तुरंत रिहा किया जाए। इसी के साथ ही इस मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो। अगर किसी ने आग लगाई है तो उसे सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। लेकिन आग लगने पर अपनी जान बचाने के लिए भागना कोई अपराध नहीं है।

उन्होंने कहा कि दुर्घटना की आड़ में किसी निर्दोष को परेशान करना न्याय नहीं है। सरकार अपनी नाकामी छिपाने के बजाय निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे और दोषियों पर कार्रवाई करे।

–आईएएनएस

डीकेएम/पीएम


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