UP: स्मार्ट प्रीपेड मीटर के विरोध पर झुकी यूपी सरकार, उपभोक्ताओं से वसूला गया बिल भी वापस लौटाने की मांग

प्रदेश सरकार द्वारा प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था को खत्म करने का निर्णय लिए जाने को विपक्षी दलाें ने विरोध का प्रभाव का करार दिया है।

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे लेकर मंगलवार को सरकार पर निशाना साधा और कहा कि हम सबके विरोध के कारण सरकार झुकी है। उन्होंने जनता से लिए गए बिल को भी वापस लौटने की मांग की हैं।वहीं, आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी राज्य सभा सदस्य संजय सिंह ने उपभोक्ताओं का शाेषण खत्म होने तक आंदोलन जारी रहने की बात कही है।

प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदेश भर में विरोध हो रहा था। विपक्षी दल भी इसे लेकर सरकार को घेर रहे थे। इस बीच सोमवार को सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त करने का निर्णय लिया है। अब नए बिजली कनेक्शन में प्रीपेड मीटर अनिवार्य नहीं होंगे और पहले से लगे मीटरों को भी पोस्टपेड में बदला जाएगा।इसे लेकर सपा प्रमुख ने कहा कि प्रीपेड मीटर की भ्रष्टाचारी व्यवस्था का हम सबका विरोध आखिरकार सरकार को झुका गया है। जागरूक जनता भाजपा का अत्याचार और भ्रष्टाचार और नहीं सहेगी।

उन्होंने मांग की है कि प्रीपेड मीटर के बहाने जो बढ़े बिल जनता से वसूले गए हैं, उनका तार्किक समायोजन अगले बिलों में किया जाए। जब एआई का प्रयोग वोटर लिस्ट से नाम काटने में हो सकता है तो लॉजिकल एडजेस्टमेंट के लिए क्यों नहीं। बिजली के बिल से जो पैसा जनता से लिया गया है, वो भाजपा की लूट का माल है, जनता को लौटाना ही पड़ेगा। नहीं तो हम सब मिलकर नया आंदोलन करेंगे।वहीं संजय सिंह ने इसे जनता की जीत बताया। आरोप लगाया कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर ‘स्मार्ट चीटर’ बन गए थे। पहले जहां 1500 रुपये का बिजली बिल आता था, वहीं मीटर लगने के बाद बिल 6000 से 7000 रुपये तक पहुंच गया था।

28 अप्रैल से शुरू हुए आंदोलन और तीन मई के प्रदेशव्यापी प्रदर्शन के बाद सरकार को झुकना पड़ा। यह जीत पूरे प्रदेश की जनता के संघर्ष का नतीजा है।

Related Articles

Latest News