ढाका, 4 मई (आईएएनएस)। बांग्लादेश में खसरे और खसरे जैसे लक्षणों से 10 और बच्चों की मौत हो गई। इस तरह अब तक कुल मृतकों की संख्या 294 हो गई है।
स्थानीय मीडिया ने स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के हवाले से इसकी जानकारी दी। ये आंकड़े
डीजीएचएस के डेटा का हवाला देते हुए, द डेली स्टार ने बताया कि 24 घंटों (शनिवार से रविवार सुबह तक) के दौरान खसरे की वजह से मौत का आंकड़ा 50 तक पहुंच गया।
इसी दौरान खसरे के 9 नए संदिग्ध मामले सामने आए, जिससे इस अवधि में संक्रमितों की संख्या 244 तक पहुंच गई।
इनमें से, ढाका डिवीजन में चार, बारिशाल में दो, चटगांव, खुलना और सिलहट डिवीजन में एक-एक मौत हुई।
इसके अलावा, इसी समय में 95 नए ऐसे मामले दर्ज किए गए जिनकी पुष्टि हो चुकी थी, जिससे कुल मामले बढ़कर 5,313 हो गए।
वहीं, पिछले 24 घंटों में डीजीएचएस ने 1,166 नए संदिग्ध मामले दर्ज किए, जिससे कुल संदिग्धों की संख्या 40,491 हो गई।
जैसे-जैसे बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप बढ़ रहा है, हेल्थकेयर से जुड़ी चिंताएं भी बढ़ रही हैं। स्थानीय मीडिया का दावा है कि बंदरबन जिले के अलीकादम उपजिला के कई दूर-दराज की पहाड़ी बस्तियों में खसरे जैसे लक्षण वाले बच्चों का इलाज स्थानीय नुस्खों और हर्बल दवाओं से किया जा रहा है।
पिछले कुछ दिनों में इलाके के 10 से 15 गांवों में खसरे जैसे लक्षण वाले पांच बच्चों की मौत हो गई, और कई दूसरे बच्चे भी संक्रमित हो गए हैं।
‘साइंस एडवाइजर’ के अनुसार, यह खसरा महामारी जुलाई 2024 के विरोध प्रदर्शनों के बाद वैक्सीन की खरीद में “बहुत बड़ी रुकावट” से पैदा हुई है, जिससे पूरे देश में वैक्सीन की कमी हो गई और इम्यूनाइजेशन रेट में भारी गिरावट आई।
खसरे के प्रकोप से बढ़ती मौतों की संख्या बच्चों में ज्यादा कुपोषण और कमजोर हेल्थ सिस्टम की वजह से और बढ़ गई है।
2024 में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाने के बाद, मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने अपने 18 महीने के कार्यकाल के दौरान पूरे वैक्सीन कवरेज सिस्टम को बिगाड़ दिया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सितंबर 2025 में, अंतरिम सरकार ने यूनिसेफ के जरिए वैक्सीन की खरीद बंद कर दी और एक ओपन टेंडर सिस्टम अपना लिया — “एक खरीद प्रक्रिया जिसमें सरकार आपूर्तिकर्ता को बोली लगाने के लिए बुलाती है और ऑर्डर देने से पहले प्रस्तावों को देखती है”।
पिछले महीने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बांग्लादेश में फैल रहे खसरे के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की थी। संगठन ने चेतावनी दी थी कि यदि निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली और टीकाकरण कवरेज में सुधार नहीं किया गया, तो संक्रमण तेजी से फैल सकता है।
लगातार बिगड़ते हालात के बीच ढाका में मौजूद इंस्टिट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी, डिजीज कंट्रोल एंड रिसर्च (आईईडीसीआर) के सलाहकार मोहम्मद मुश्तुक हुसैन ने कहा कि बांग्लादेश सरकार को इसे आधिकारिक तौर पर पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर देना चाहिए।
उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा, “यह पहले से ही एक इमरजेंसी जैसे हालात हैं, तो फिर आधिकारिक तौर पर पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने में हिचकिचाहट क्यों?”
–आईएएनएस
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