पाकिस्तान: इस साल के शुरुआती चार महीनों में ही खसरे से 71 बच्चों की मौत


इस्लामाबाद, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान में इस साल के शुरुआती चार महीनों में ही खसरे की वजह से 71 बच्चों की मौत हो गई है। सिंध में सबसे ज्यादा 40 बच्चे इसका शिकार हुए। रविवार को स्थानीय मीडिया ने इसकी जानकारी दी।

पाकिस्तान के जाने-माने दैनिक डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 के शुरुआती चार महीनों में खसरे से मरने वाले 71 बच्चों में से सिंध के बाद पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा का नंबर आता है। दोनों प्रांतों में 12-12 बच्चों की मौत हुई, जबकि बलूचिस्तान के चार बच्चों को बचाया नहीं जा सका।

2026 के जनवरी से अप्रैल तक पाकिस्तान में खसरे के 4,541 मामले सामने आए हैं, जिनमें खैबर पख्तूनख्वा में 1,712, पंजाब में 1,198, सिंध में 1,183, बलूचिस्तान में 17, इस्लामाबाद में 55, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 151 और पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में 45 मामले शामिल हैं।

खसरे के अलावा पाकिस्तान में पोलियो से जंग भी एक चुनौती बनी हुई है। वैक्सीन को लेकर लोगों में भरोसा नहीं बन पाया है, और इस कारण से बीमारी की चपेट में कई लोग आ रहे हैं। 2026 में ही, सिंध के सुजावल में पोलियो का एक मामला सामने आया था।

2024 में पोलियो के 74 मामले रिपोर्ट हुए, जबकि 2025 में 31 मामले रिपोर्ट हुए थे। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, सिंध में 2025 में पोलियो के नौ मामले दर्ज किए गए, जिसमें लगभग 80 फीसदी एनवायरनमेंटल सैंपल वायरस के लिए पॉजिटिव पाए गए।

हालांकि हाल ही में, सिंध के मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पोलियो से लड़ने में काफी हद तक सफलता मिली है, और एनवायरनमेंटल पॉजिटिविटी रेट घटकर 24 फीसदी हो गया है।

पाकिस्तान पीडियाट्रिक एसोसिएशन की तरफ से खालिद शफी ने कहा, “हालांकि सरकार अपनी कोशिशें जारी रखे हुए है, लेकिन रेगुलर इम्यूनाइजेशन को लेकर कई चुनौतियां हैं। सबसे बड़ी चुनौती वैक्सीन को लेकर हिचकिचाहट है।” उन्होंने लोगों को पोलियो के खिलाफ बच्चों को वैक्सीन लगाने के बारे में जागरूक करने के लिए स्ट्रेटेजी बनाने की अपील की।

स्थानीय मीडिया आए दिन पोलियो टीम की सुरक्षा में तैनात कर्मियों पर हमले की खबर रिपोर्ट करती रही है।

13 अप्रैल को ही पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के हंगू जिले में पोलियो टीमों को सुरक्षा देने जा रही लॉ एनफोर्समेंट पार्टी पर हमला करने से एक पुलिस कांस्टेबल की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।

यह घटना 13-19 अप्रैल को होने वाले वैक्सीनेशन कैंपेन के पहले दिन हंगू के थल तहसील में हुई। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, हंगू डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने एक बयान में कहा कि अज्ञात हमलावरों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग की, जिसमें एक पुलिसवाले की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।

घायल पुलिसवालों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद, हमलावरों को ढूंढने के लिए इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान दुनिया के सिर्फ दो ऐसे देश हैं जहां वाइल्ड पोलियोवायरस अभी भी फैला हुआ है। पाकिस्तान में पोलियो वर्कर्स को अक्सर हमलों का निशाना बनाया गया है। इनमें भी खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के इलाके शामिल हैं।

फरवरी में, पाकिस्तान के बलूचिस्तान के चमन जिले में पुलिस वैक्सीनेशन टीम पर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग की थी, जिसमें एक पुलिसवाले की मौत हो गई थी।

–आईएएनएस

केआर/


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