विरासत को विस्मृत करके कोई समाज-राष्ट्र विकास नहीं कर सकता : मुख्यमंत्री योगी


लखनऊ, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम के निकट सीजी सिटी में 23 करोड़ की लागत से बनने वाले नौसेना शौर्य संग्रहालय निर्माण कार्य परियोजना का भूमि पूजन और बटन दबाकर शिलान्यास किया।

इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि अपनी विरासत और अतीत को विस्मृत करके कोई समाज या राष्ट्र विकास की बुलंदियों को नहीं छू सकता। अतीत सदैव व्यक्ति और समाज के साथ चलता है। अतीत का गौरवशाली क्षण नई प्रेरणा होती है। पथप्रदर्शक और आगे बढ़ने के लिए अवसर होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के पहले यूपी लैंडलॉक स्टेट था। लोग कहते थे कि जलमार्ग से कोई वस्तु यूपी से बाहर नहीं जा सकती पर इसमें सच्चाई नहीं थी। 40-50 वर्ष पहले गांवों में सुनते थे कि नौकाओं से जल परिवहन होता था। यूपी में पर्याप्त जल संसाधन हैं। इन नदियों के माध्यमों व क्षमता को देखते हुए यूपी अपने यहां स्टेट वाटरवे अथॉरिटी के गठन की कार्रवाई को बढ़ा रहा है। पीएम मोदी ने देश का पहला इनलैंड वाटरवे वाराणसी से हल्दिया के बीच जोड़ दिया है।

उन्होंने कहा कि आज पुलिस स्मृति दिवस भी है। सीमा की सुरक्षा के लिए 64 वर्ष पूर्व लद्दाख में तैनात सीआरपीएफ के जवानों पर दुश्मन देश ने धोखे से हमला किया था। इसमें हमारे जवान देश के लिए बलिदान हुए थे। उनकी स्मृति में 21 अक्टूबर पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है। देश की सेना, अर्धसेना और पुलिस बल से जुड़े जवानों को, जिन्होंने मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका स्मरण करते हुए देश उन्हें श्रद्धाजंलि देता है।

उन्होंने कहा कि यह गौरव का क्षण है कि 34 वर्ष तक भारतीय नौसेना की क्षमता में अभिवृद्धि करके उसकी सामरिक स्थिति को सुदृढ़ करने वाले आईएनएस गोमती को जब डिकमीशन किया गया तो वह आज शौर्य संग्रहालय का हिस्सा बनने जा रहा है। इसके लिए यूपी की राजधानी लखनऊ को चुनने पर सीएम ने भारतीय नौसेना के अफसरों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

सीएम ने कहा कि यह युवा पीढ़ी के लिए भारतीय सेना के शौर्य-पराक्रम को जानने का माध्यम बनेगा। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के उस अभियान को जो आज हम ‘मेक इन इंडिया’ के माध्यम से देख रहे हैं, उसे गति प्रदान करने का माध्यम बनेगा।

योगी ने कहा कि यूपी से बड़ी एक गाथा है। साउथ कोरिया अपनी तकनीक के लिए जाना जाता है। वहां के राजवंश का मानना है कि उनकी दादी मां अयोध्या की राजकुमारी थी। उनकी स्मृति में अयोध्या में स्मारक बन चुका है। उन्हें अयोध्या में राजकुमारी रत्ना व साउथ कोरिया में क्वीन हो के रूप में स्मरण किया जाता है।

–आईएएनएस

विकेटी/एबीएम


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