नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। 9वीं वर्ल्ड यूथ ट्रांसनेशनल ब्रिज चैंपियनशिप के टीम इवेंट में भारत की अंडर-31 टीम ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। चीन के हेफेई में आयोजित प्रतियोगिता में भारतीय टीम ने आठ टीमों के फाइनल राउंड रॉबिन में 82.34 विक्ट्री प्वाइंट्स के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। चीन की एगोफैन्स टीम ने गोल्ड (89.96 वीपी) और चीन की अंडर-31 टीम ने सिल्वर (89.47 वीपी) मेडल अपने नाम किया।
वीजा में देरी और कॉम्बिनेशन में आखिरी समय में हुए बदलावों के बावजूद भारत ने ये मेडल अपने नाम किया है। भारतीय टीम में अंशुल भट्ट, साग्निक रॉय, सायनतन कुशारी, शुभम आचार्य, सुरजीत बार और विद्या पटेल शामिल थे। टीम के कप्तान और कोच कौस्तुभ बेंद्रे थे।
कुछ खिलाड़ियों को समय पर चीन का वीजा नहीं मिल पाया, जिससे खेलने वाले कॉम्बिनेशन में बदलाव करना पड़ा। शुभम आचार्य के साथ काफी ट्रेनिंग कर चुके अंशुल को कोलकाता के नेशनल प्लेयर सायनतन कुशारी के साथ खेलना पड़ा।
शुभम ने विद्या पटेल के साथ जोड़ी बनाई। विद्या मध्य प्रदेश के उस रायबिदपुरा गांव की रहने वाली हैं, जो ब्रिज खिलाड़ियों के लिए जाना जाता है। इन नई जोड़ियों ने टीम को संभाले रखा, जब तक कि कोलकाता से साग्निक रॉय और सुरजीत बार टीम को मजबूत करने के लिए समय पर नहीं पहुंच गए। अचानक आए इन हालात की वजह से, अंशुल और विद्या ने भारत के आठ क्वालीफाइंग राउंड में से छह राउंड खेले।
3 से 4 अगस्त को हुए क्वालीफाइंग राउंड में भारत सातवें स्थान पर रहा और आठ टीमों के फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। फाइनल 5 अगस्त को राउंड रॉबिन फॉर्मेट में हुआ, जिसमें प्रत्येक टीम ने दूसरी फाइनलिस्ट टीमों के साथ सात-बोर्ड का मैच खेला।
अंशुल के बड़े एज ग्रुप में चुने जाने पर कोच बेंद्रे ने कहा, “अंशुल को इसलिए चुना गया है, क्योंकि उन्होंने अपनी जगह बनाई है, न कि उनकी उम्र या शोहरत की वजह से। 17 साल की उम्र में ही वह अंडर-31 लेवल पर जरूरी अनुशासन, संयम और पार्टनरशिप की समझ दिखाते हैं।”
–आईएएनएस
आरएसजी
