साउथ और बॉलीवुड में क्या है बड़ा फर्क? रकुल प्रीत सिंह ने कॉल शीट और पेमेंट को लेकर कही ये बात


मुंबई, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह ने साउथ सिनेमा से लेकर बॉलीवुड तक की फिल्मों में अभिनय किया है। उन्होंने साउथ सिनेमा और बॉलीवुड में तकनीकी अंतर के बारे में बताया है।

अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर एक पॉडकास्ट का वीडियो पोस्ट किया। इसमें उन्होंने साउथ और बॉलीवुड में शूटिंग के फर्क पर खुलकर बात की।

रकुल ने बताया कि मुंबई में कॉल शीट का समय आमतौर पर सुबह 6 बजे या 7 बजे से शाम 6 बजे तक होता है। उन्होंने इस फर्क को समझाते हुए कहा कि दोनों इंडस्ट्री में काम करने का अनुभव बहुत अलग-अलग रहा। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि पूरी दुनिया में फिल्म बनाने की प्रक्रिया लगभग समान है, लेकिन साउथ सिनेमा और हिंदी सिनेमा के तकनीकी कामों में फर्क है।”

उन्होंने कहा, “तेलुगु फिल्मों में शाम 6 बजे के बाद शूटिंग नहीं की जाती है। मुझे नहीं पता कि अब भी यह नियम है या नहीं क्योंकि पिछले दो-तीन साल से मैंने कोई तेलुगु फिल्म नहीं की है। पहले हम सिर्फ शाम 6 बजे तक ही शूटिंग करते थे।”

उन्होंने हिंदी सिनेमा की शूटिंग टाइम को लेकर कहा, “जब मैं मुंबई आई, तो मुझे अचरज हुआ कि यहां रात में भी लंबी शूटिंग होती है। साउथ में अगर रात की शूटिंग होती भी है, तो वह आमतौर पर शाम 6 बजे से रात 2 बजे तक सीमित रहती है, न कि सुबह 6 बजे तक।”

अभिनेत्री ने बातचीत में हिंदी सिनेमा के यूनियन नियमों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “यहां कुछ यूनियनों के नियमों के मुताबिक तय समय के बाद ज्यादा पैसे देने पड़ते हैं। शाम 6 बजे के बाद शूटिंग करने पर डेढ़ गुना पेमेंट करना पड़ता है। रात 9 बजे के बाद पेमेंट दोगुना ज्यादा हो जाता है और अगर रात 2 बजे के बाद भी शूटिंग जारी रखी जाए, तो तीन गुना पैसे देने पड़ते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “यही कारण है कि फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों को तीन गुना ज्यादा पैसे मिलते हैं क्योंकि यह समय लोगों के लिए सही नहीं माना जाता है। शुरुआती सालों में जब मैं दोनों जगहों पर आती-जाती थी, तो सोचती थी कि यहां इतनी देर तक शूटिंग क्यों की जा रही है। मुझे पता नहीं था कि यहां साउथ वाले नियम लागू नहीं होते। इसलिए यहां शूटिंग सुबह जल्दी शुरू कर दी जाती है।”

–आईएएनएस

एनएस/एबीएम


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