नई दिल्ली, 15 जून (आईएएनएस)। अमेरिका और ईरान में शांति समझौता मिडिल ईस्ट में फरवरी 2026 से जारी तनाव के बीच एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। साइप्रस समेत दुनिया के तमाम देशों ने अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की घोषणा का स्वागत किया है। साइप्रेस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह समझौता लेबनान समेत पूरे इलाके में लगातार तनाव कम करने और नेविगेशन की आजादी को फिर से शुरू करने के लिए एक जरूरी कदम है।
साइप्रस के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “साइप्रस, अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते की घोषणा का स्वागत करता है। यह समझौता लेबनान समेत पूरे इलाके में लगातार तनाव कम करने और नेविगेशन की आजादी को फिर से शुरू करने के लिए एक जरूरी कदम है और न्यूक्लियर मुद्दे और दूसरे सभी जरूरी मुद्दों के पक्के समाधान के लिए एक पूरी बातचीत के फ्रेमवर्क की दिशा में नई रफ्तार देता है। हम सभी पार्टियों को इस मौके का फायदा उठाने और संयम और डिप्लोमैटिक बातचीत के लिए कमिटेड रहने के लिए बढ़ावा देते हैं।”
यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने दोनों देशों के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा, “मैं कई साझेदारों की लगातार डिप्लोमैटिक कोशिशों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत करती हूं। अब प्राथमिकता यह है कि सभी पार्टी इसे तेजी से और पूरी तरह से लागू करें। इस समझौते से होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत फिर से खोला जा सकेगा। नेविगेशन की आजादी को टोल-फ्री तरीके से फिर से शुरू किया जाना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि यह इलाके की स्थिरता और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है। इससे मिडिल ईस्ट में शांति और सुरक्षा को लेकर बड़े पैमाने पर बातचीत का रास्ता खुलता है। और इससे ईरान के न्यूक्लियर और बैलिस्टिक प्रोग्राम और इलाके में उसकी अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियां खत्म होनी चाहिए। और बेशक, जब तक लेबनान में आग लगी है, मिडिल ईस्ट में शांति नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि एक बार फिर यूरोप सभी पार्टियों से लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने और सही मायने में सीजफायर लागू करने की अपील करता है। एवियन में, जी7 लीडर्स गल्फ और बड़े मिडिल ईस्ट के साझेदारों से मिलेंगे। यूरोप अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। इस संकट से एक साफ सबक भी मिलता है। एक बार फिर, ऊर्जा पर निर्भरता को हथियार बनाया गया है। हमें अपने सप्लाई रूट में विविधता लानी होगी और होर्मुज की रुकावट से दूर जाने के लिए दूसरे एक्सपोर्ट कॉरिडोर बनाने होंगे। हम इस मुद्दे पर एवियन में चर्चा करेंगे।
–आईएएनएस
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