अयोध्या में श्रीराम मंदिर से चढ़ावे की हुई चोरी, ग़बन व हेराफेरी आदि की मीडिया में आए दिन क़िस्म-क़िस्म की आ रही ख़बरें अति-गंभीर व चिंतनीय हैं।”उन्होंने पोस्ट में आगे कहा, “ऐसे लोग क़तई भी बख़्शे नहीं जाने चाहिये, लेकिन इस मामले का राजनीतिकरण करना भी ठीक नहीं है।” इसके साथ ही उन्होंने यह अपेक्षा भी की कि “अब यहां मंदिर में श्रद्धा के चढ़ावे आदि में आगे कोई भी शिकायत ना आये।”
अन्य विख्यात मंदिरों की व्यवस्था लागू करने का सुझाव मायावती ने इस प्रकरण को सुलझाने के लिए एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने कहा, “इसके लिए देश के दूसरे विख्यात व प्रसिद्ध मंदिरों में चढ़ावे आदि के हिसाब-किताब के लिए जो व्यवस्था है, यहां अयोध्या में भी उसका अनुसरण करके इस प्रकरण को जल्दी ही सुलझाना चाहिये। यही उचित होगा।”
उन्होंने यह भी जोड़ा, “इतना ही नहीं, बल्कि देश में राजनीति का अपराधीकरण व अपराध का राजनीतिकरण तथा धर्म का राजनीतिकरण एवं राजनीति का अंध धर्मीकरण ना किया जाये तो यह सही व संवैधानिक होगा।” उन्होंने कहा कि बसपा की राजनीतिक पार्टियों को देश व जनहित में यही सलाह और देशवासियों से भी यही अपील है।गौरतलब है कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर में दान के गबन की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पिछले दिनों आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 80 लाख रुपये और आभूषण बरामद किए हैं।
PM मोदी की चुप्पी को कांग्रेस ने बताया करोड़ों लोगों की आस्था पर आघात
कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि अयोध्या स्थित राम मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की “चुप्पी” देश के करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था पर ”सीधा आघात” है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि इस मामले पर प्रधानमंत्री मोदी को अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए।
उन्होंने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय द्वारा ‘एक्स’ पर किए एक पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए कहा कि श्रीराम मंदिर में कथित ”लूट” पर प्रधानमंत्री की चुप्पी लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है। उन्होंने आरोप लगाया,
“मोदी सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन बिना किसी पारदर्शी मानदंड और जन-परामर्श के किया तथा इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े लोगों को जगह दी।”
रमेश ने यह भी दावा किया कि बाद में पूरे ट्रस्ट को सूचना के अधिकार (आरटीआई) कानून के दायरे से बाहर कर दिया गया। कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर अपनी ”चुप्पी तोड़ने” की मांग की।
मुझे दर्शन करने से पहले पुलिस ने पकड़ा, यह तानाशाही: अजय राय
इस बीच, यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन-पूजन के लिए जाने से पहले उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उन्होंने इसे भाजपा सरकार की “तानाशाही” करार दिया।
राय ने दावा किया, “उत्तर प्रदेश कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल 30 जून को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन-पूजन के लिए जाने वाला था। मैं अयोध्या पहुंचा ही था कि भाजपा सरकार इतनी डर गई कि पुलिस मुझे होटल से गिरफ्तार कर अपनी जीप में बैठककर ले जा रही है।”
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि अयोध्या में जमीन घोटालों और चढ़ावे की चोरी में शामिल लोगों को “राम भक्तों के आने से डर” लग रहा है। उन्होंने भाजपा पर “आस्था पर पहरा देने” का आरोप लगाते हुए इस कार्रवाई को “कायरतापूर्ण” और “निंदनीय” बताया। राय ने संकल्प दोहराते हुए कहा, “हम न रुकेंगे, न झुकेंगे।”
