प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात 29 वरिष्ठ पीपीएस अधिकारियों को आईपीएस बनाया गया है। गुरुवार की दोपहर साढ़े 11 बजे हुई डीपीसी में 1997 बैच, 1998 बैच, 1999 बैच और 2000 बैच के अधिकारियों को शामिल किया गया था। तीन अधिकारियों का लिफाफा बंद कर दिया गया, जबकि एक अधिकारी का अपात्र पाए जाने के कारण डीपीसी से बाहर हो गए।
आईपीएस बनने वाले अफसरों में 1997 बैच के सुरेंद्र चंद्र राव, 1998 बैच के शोएब इकबाल आईपीएस पद पर प्रमोट हुए हैं। जबकि 1999 और 2000 बैच में शामिल अफसरों में विकास त्रिपाठी, राजेश पांडेय, मार्तंड प्रताप सिंह, देवेंद्र कुमार, पूर्णेंदु सिंह सहित 29 आईपीएस अधिकारी हैं। संजय यादव और वीरेंद्र कुमार का लिफाफा बंद कर दिया गया है।कृष्ण गोपाल यादव के खिलाफ पहले से मिसकंडक्ट होने के कारण उन्हें डीपीसी के दौरान अपात्र पाया गया। जबकि सिद्धार्थ वर्मा, अरविंद कुमार गुप्ता और प्रशांत कुमार प्रसाद का वैकेंसी कम होने के कारण आईपीएस में चयन नहीं हो पाया है।
इन तीन नामों पर आगामी डीपीसी में विचार किया जाएगा। बता दें कि पहली जनवरी को भारत सरकार ने रिक्तियों के सापेक्ष 29 वैकेंसी घोषित की थी। डीपीसी में चयन हुए आईपीएस अधिकारियों का नाम अभी पुलिस मुख्यालय से सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसकी अधिकृत घोषणा दो-तीन दिन बाद में होगी।
गौरतलब हो कि पीपीएस अधिकारियों की डीपीसी लंबे समय से विचाराधीन थी, जिसके कारण अधिकारी असहज स्थिति में बने हुए थे। हालांकि आईपीएस में प्रमोट होने के बाद अब उनके चेहरों में खुशी दिख रही है।
