कोलकाता, 7 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और चुनाव परिणामों ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। राज्य में भारतीय जनता पार्टी की शानदार सफलता के बाद हर तरफ खुशी का माहौल बना है। इस बीच सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर शर्मिष्ठा पनोली ने इसे बंगाल की जनता की बड़ी जीत करार दिया है।
शर्मिष्ठा ने गुरुवार को आईएएनएस के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य के लोग लंबे समय से कई समस्याओं से जूझ रहे थे। उन्होंने कहा, “मैं बहुत खुश हूं क्योंकि बंगाल के लोग काफी समय से परेशान थे। चाहे वह आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज का दुखद मामला हो, अवैध घुसपैठ की गंभीर समस्या हो या फिर बुनियादी विकास कार्यों की कमी, जनता ने इन सभी मुद्दों पर बदलाव के लिए वोट दिया है।”
उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार अभी तक जहां भी आई है, वहां रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली को मई-जून 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के संदर्भ में बॉलीवुड के तीनों खानों (शाहरुख, सलमान, आमिर) पर टिप्पणी करने और एक विशेष धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द इस्तेमाल करने पर कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
शर्मिष्ठा ने अपनी पिछली गिरफ्तारी और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए टीएमसी सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ और ‘तुष्टीकरण’ का हिस्सा बताया।
शर्मिष्ठा ने कहा, “टीएमसी के शासन में हमने देखा कि उनके सदस्य अक्सर हिंदू देवी-देवताओं पर अपमानजनक टिप्पणी करते थे और इसे अभिव्यक्ति की आजादी का नाम देते थे, लेकिन जब मैंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान सेना का समर्थन किया, तो मेरी बात को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और मुझे गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने पांच राज्यों में 1,500 किलोमीटर की दौड़ लगाई, जो पूरी तरह से बेवजह थी। यह साफ तौर पर एक खास वोट बैंक को खुश करने की राजनीति थी।”
बंगाल की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ईस्ट इंडिया कंपनी के दौर पहले से भी बंगाल एक बड़ा आर्थिक केंद्र रहा है।
उन्होंने कहा, “बंगाल एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है और यहां के लोगों ने हमेशा अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया है। मुझे लगता है कि भाजपा को चुनकर बंगाल के लोगों ने असल में लोकतंत्र के लिए वोट दिया है। मुझे बहुत खुशी और गर्व है कि वे अपने हक के लिए खड़े हुए।”
जब आईएएनएस ने उनसे बंगाल में पिछले लोकतंत्र की स्थिति पर सवाल किया, तो उन्होंने इसे ‘दोधारी तलवार’ बताया। शर्मिष्ठा ने कहा, “लोकतंत्र इस मायने में था कि चुनाव हो रहे थे और लोग वोट डाल रहे थे, लेकिन जिन लोगों को सत्ता मिली, उन्होंने खुद को राजा समझ लिया। टीएमसी के सदस्यों ने अपनी शक्तियों का जबरदस्त दुरुपयोग किया, जिससे आम जनता का दम घुट रहा था।”
ममता बनर्जी की नाराजगी के सवाल पर शर्मिष्ठा ने सहजता से जवाब दिया। इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पानोली ने कहा, “मुझे लगता है कि यह राजनीति और तुष्टीकरण का ही एक हिस्सा था। जैसा कि मैंने बताया, वह अपने वोट बैंक को खुश करना चाहती थीं। मुझे नहीं लगता कि उनके मन में मेरे लिए कोई निजी रंजिश है। यह सब उनके राजनीतिक खेल का ही एक हिस्सा था।”
–आईएएनएस
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