वाशिंगटन, 28 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिकी राज्य विभाग ने कहा कि इजरायल और लेबनान के बीच अमेरिका की अगुवाई में बातचीत का अगला राउंड 4 से 6 अगस्त तक रोम में होगा। इसमें तकनीकी टीमें शांति और सुरक्षा समझौते के लिए एक फ्रेमवर्क बनाने की कोशिश करेंगी।
बातचीत दक्षिणी लेबनान में एक पायलट जोन को बढ़ाने, बाकी सीमा विवादों को सुलझाने और पिछले महीने दोनों देशों के बीच हस्ताक्षर किए गए फ्रेमवर्क समझौते को पूरी तरह लागू करने पर केंद्रित होगी।
अमेरिकी राज्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा, “हम दक्षिणी लेबनान में पहले पायलट जोन के सफल लॉन्च और पिछले हफ्ते राष्ट्रपति ट्रंप के साथ प्रेसिडेंट औन की अच्छी मीटिंग के बाद इन बातचीत में काफी तेजी के साथ आगे बढ़ रहे हैं।”
रोम में होने वाले इस बैठक में इजरायल और लेबनान के तकनीकी समूह एक साथ आएंगे। अमेरिका दोनों देशों के बीच बातचीत करवा रहा है।
अधिकारी ने कहा, “रोम में, तकनीकी समूह फ्रेमवर्क समझौते को पूरी तरह से लागू करने पर फोकस करेंगे। इसमें पायलट जोन प्रोसेस को बढ़ाना, सभी बाकी सीमा मामलों को सुलझाना और एक बड़े शांति और सुरक्षा समझौते पर काम करना शामिल है।”
पायलट जोन का मकसद दक्षिणी लेबनान में लेबनानी सरकार की अथॉरिटी को फिर से कायम करना है। इसमें इलाके में काम कर रहे आतंकवादी संगठनों के वेरिफाई किए जा सकने वाले हथियार खत्म करने की भी बात कही गई है।
अधिकारी ने कहा, “पहला पायलट जोन जमीन पर असली तरक्की करने, आतंकवादी संगठनों के वेरिफाई किए जा सकने वाले हथियार खत्म करके लेबनानी सरकार की अथॉरिटी को फिर से कायम करने और अगले कदमों के लिए जरूरी भरोसा बनाने का एक ठोस मौका है।”
इजरायल डिफेंस फोर्सेज ने पिछले हफ्ते दक्षिणी लेबनान के एक पायलट जोन से अपनी पहली वापसी की। बेरूत ने तब से येरुशलम पर लेबनानी आर्म्ड फोर्सेज के वहां काम करने की कोशिशों में रुकावट डालने का आरोप लगाया है।
हालांकि, अमेरिकी राज्य विभाग ने कहा कि अथॉरिटी का ट्रांसफर कामयाबी से हो रहा है। सरकार पहले जोन को सीमा पर दूसरी जगहों पर इसी तरह के इंतजामों के लिए एक टेस्ट के तौर पर देख रहा है।
अधिकारी ने कहा, “शुरुआती जोन के अनुभव से हमें पायलट-जोन को बेहतर तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी, ताकि इसे धीरे-धीरे बढ़ाया जा सके।”
वाशिंगटन ने इस फ्रेमवर्क को इजरायल और लेबनान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को खत्म करने और ज्यादा टिकाऊ सुरक्षा व्यवस्था बनाने के लिए मुख्य रास्ते के तौर पर पेश किया है।
अधिकारी ने कहा, “ट्राइलेटरल फ्रेमवर्क ही स्थायी शांति का एकमात्र रास्ता है। इसे पूरी तरह से लागू करना दोनों देशों के साफ हित में है और ट्रंप सरकार इसकी सफलता के लिए प्रतिबद्धत है।”
यह लेटेस्ट राउंड 3 जून को वाशिंगटन में राज्य विभाग में अमेरिका द्वारा होस्ट की गई इजरायली और लेबनानी प्रतिनिधिमंडल के बीच पहले हुई मीटिंग के बाद हुआ है। इसमें हिस्सा लेने वालों में अमेरिका में इजरायली राजदूत येचिएल लीटर, राज्य विभाग के चीफ ऑफ स्टाफ डेनियल हॉलर, लेबनान में अमेरिकी राजदूत मिशेल इस्सा और अमेरिका में लेबनानी राजदूत नाडा हमादेह शामिल थे।
रोम में बातचीत ऐसे समय में होगी जब इजरायल अक्टूबर में नेसेट चुनाव की तैयारी कर रहा है। इस बात की चिंता जताई गई है कि आने वाले चुनाव की वजह से इजरायल की सेना की वापसी और मुश्किल हो सकती है, जबकि लेबनान दक्षिण में अपनी सेना के लिए ज्यादा ऑपरेशनल नियंत्रण चाहता है।
–आईएएनएस
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