दक्षिण चीन सागर में नए विवाद से बढ़ा तनाव, फिलीपींस ने बीजिंग के आरोप नकारे


मनीला, 21 जुलाई (आईएएनएस)। फिलीपींस के सशस्त्र बल (एएफपी) ने मंगलवार को दक्षिण चीन सागर के सेकेंड थॉमस शोल के पास हुई घटना को लेकर चीन तटरक्षक बल (सीसीजी) के आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें “झूठा और भ्रामक” बताया।

यह प्रतिक्रिया चीन तटरक्षक बल के उस दावे के बाद आई, जिसमें कहा गया था कि सोमवार सुबह फिलीपींस के जहाज एलटी-57 से निकली दो रबर नौकाएं तेज गति से उसकी गश्ती नौका के पास पहुंचीं और खतरनाक तरीके से उससे टकरा गईं।

एएफपी ने एक बयान में कहा, “मुख्य सवाल यह है कि चीन तटरक्षक बल की ‘रबर हुल्ड इन्फ्लेटेबल बोट’ (आरएचआईबी) बीआरपी सिएरा माद्रे के इतने करीब क्यों मौजूद थी? उसकी मौजूदगी उस क्षेत्र में अवैध घुसपैठ थी, जहां अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत फिलीपींस अपने संप्रभु अधिकारों का प्रयोग करता है।”

फिलीपींस ने कहा कि उसकी नौसेना के जवानों ने पूरी जिम्मेदारी और निर्धारित नियमों के अनुरूप कार्रवाई की। दो रबर नौकाओं को केवल चीन तटरक्षक बल के जहाज को वहां से हटने का निर्देश देने के लिए भेजा गया था और फिलीपींस की ओर से किसी प्रकार का टकराव शुरू नहीं किया गया।

बयान के अनुसार, स्थिति तब बिगड़ी जब चीन तटरक्षक बल ने क्षेत्र छोड़ने के लिए बार-बार दिए गए निर्देशों की अनदेखी की और कथित रूप से अवैध कार्रवाई करते हुए एक फिलीपीनी नौसैनिक पर लकड़ी के डंडे से हमला किया।

एएफपी ने कहा कि फिलीपीनी सैनिकों ने संयम बरता और तय नियमों के तहत केवल आत्मरक्षा की। उन्होंने कहा, “पेशेवर व्यवहार को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।”

फिलीपींस ने कहा कि यह घटना 17 जून 2024 की उस घटना जैसी है, जब चीन तटरक्षक बल के कर्मियों पर इसी तरह के दबावपूर्ण और हिंसक व्यवहार के आरोप लगे थे। एएफपी के अनुसार, दोनों मामलों में उसके सैनिकों ने उकसावे के बावजूद अनुशासन बनाए रखा।

फिलीपींस ने चीन पर दुष्प्रचार अभियान चलाने का भी आरोप लगाया। एएफपी का कहना है कि चीनी सरकारी मीडिया एआई से तैयार एक वीडियो के जरिए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने और वर्ष 2016 के दक्षिण चीन सागर मध्यस्थता फैसले को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रचार से वास्तविकता नहीं बदलेगी।

एएफपी ने दोहराया कि चीनी सेना, चीन तटरक्षक बल और समुद्री मिलिशिया दक्षिण चीन सागर में समन्वित तरीके से अवैध और दबावपूर्ण गतिविधियां जारी रखे हुए हैं, जो क्षेत्र में अस्थिरता का प्रमुख कारण हैं।

फिलीपींस ने यह भी कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप अपने संप्रभु अधिकारों की रक्षा, अपने सैन्य कर्मियों की सुरक्षा और सेकेंड थॉमस शोल में अपनी उपस्थिति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस घटना के बाद अमेरिका ने भी चीन की कार्रवाई की निंदा की। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि अमेरिका 20 जुलाई 2026 को सेकेंड थॉमस शोल में फिलीपींस के नौसैनिकों के खिलाफ चीन की “खतरनाक और आक्रामक कार्रवाई” की निंदा करता है और बीजिंग से क्षेत्र को अस्थिर करने वाली गतिविधियां तुरंत बंद करने का आग्रह करता है।

–आईएएनएस

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