जयशंकर का दो द‍िवसीय फिलीपींस दौरा, 'आसियान' और 'क्‍वाड' बैठक में होंगे शामिल


नई दिल्ली, 21 जुलाई (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर 22-23 जुलाई को फिलीपींस जाएंगे। वहां वे आसियान के तहत होने वाली विदेश मंत्रियों की बैठकों में हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही वे ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के विदेश मंत्रियों के साथ ‘क्वाड’ विदेश मंत्रियों की बैठकों में भी शामिल होंगे।

विदेश मंत्रालय (एमईए) के मुताबिक, जयशंकर मनीला में आसियान-इंड‍िया, ईस्‍ट एश‍िया सम‍िट (ईएएस) और आसियान रीजनल फोरम (एआरएफ) जैसी विदेश मंत्रियों की बैठकों में भाग लेंगे।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह दौरा भारत की ‘एक्‍ट ईस्‍ट पॉल‍िसी’ के तहत आसियान देशों के साथ बढ़ते रिश्तों को दिखाता है। साथ ही, यह ‘आसियान-इंडिया कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ को और मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को भी दोहराता है।

मंत्रालय ने बताया कि साल 2026 को ‘आसियान-इंडिया ईयर ऑफ मैरीटाइम को-ऑपरेशन’ यानी समुद्री सहयोग वर्ष के रूप में मनाया जाएगा, जिससे इस दौरे का महत्व और बढ़ जाता है।

मंत्रालय के अनुसार, ‘आसियान’ से जुड़ी बैठकों के दौरान जयशंकर ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के विदेश मंत्रियों के साथ क्‍वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लेंगे। इसके अलावा, वे अलग-अलग देशों के अपने समकक्ष मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।

इससे पहले, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी फिलीपींस पहुंच चुके हैं। वे आसियान पोस्ट-मिनिस्ट्रियल कॉन्फ्रेंस, ईस्ट एशिया समिट फॉरेन मिनिस्टर्स’ मीटिंग और आसियान रीजनल फोरम फॉरेन मिनिस्टर्स मीटिंग में हिस्सा लेंगे।

मनीला में अपने दौरे के दौरान रुबियो इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के कई देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे और क्‍वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भी शामिल होंगे।

अमेरिकी विदेश विभाग ने रुबियो की यात्रा से पहले कहा कि दौरे का मकसद इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को आजाद, खुला, सुरक्षित और समृद्ध बनाए रखने की अमेरिकी नीति को आगे बढ़ाना है। विभाग के मुताबिक, रुबियो इस यात्रा के दौरान अमेरिका और ‘आसियान’ की साझेदारी के ठोस नतीजों को सामने रखेंगे और फिलीपींस के साथ अमेरिका की व्यापक साझेदारी को मजबूत करेंगे।

इस साल 26 मई को नई दिल्ली में 11वीं ‘क्‍वाड’ विदेश मंत्रियों की बैठक हुई थी। उस बैठक में चारों देशों ने पहली बार इंडो-पैसिफिक मैरीटाइम सर्विलांस कोलैबोरेशन (आईपीएमएससी) पहल शुरू करने की घोषणा की थी।

आईपीएमएससी के तहत ‘क्‍वाड’ देशों की समुद्री निगरानी क्षमता का इस्तेमाल करके इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में जानकारी साझा करने और समुद्री गतिविधियों पर बेहतर नजर रखने की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। शुरुआत में इसका खास ध्यान हिंद महासागर क्षेत्र पर रहेगा। इसके अलावा, विशेषज्ञों के बीच अनुभव साझा करने और टेबलटॉप एक्सरसाइज भी कराए जाएंगे।

–आईएएनएस

एवाई/एबीएम


Related Articles

Latest News