मुंबई, 5 जून (आईएएनएस)। टीवी की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाली अभिनेत्री उर्वशी ढोलकिया आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। खासकर लोकप्रिय सीरियल ‘कसौटी जिंदगी की’ में निभाए गए उनके कोमोलिका के किरदार को दर्शक आज भी नहीं भूले हैं। हालांकि, पर्दे पर उनकी सफलता के पीछे एक संघर्ष भरा लंबा सफर छिपा हुआ है। हाल ही में उर्वशी ने शो ‘तुम हो ना’ में अपने जीवन के कई अनसुने पहलुओं पर खुलकर बात की और बताया कि कैसे उन्होंने बहुत कम उम्र में काम, शादी, मातृत्व और करियर की जिम्मेदारियों को एक साथ संभाला।
बातचीत के दौरान शो के होस्ट राजीव खंडेलवाल ने उर्वशी के संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि अक्सर लोग कलाकारों की चमकदार जिंदगी देखते हैं, लेकिन उसके पीछे छिपी चुनौतियों को नहीं समझ पाते।
उन्होंने कहा, ”कई महिलाएं अपनी जिंदगी की परेशानियों को लेकर सोचती हैं कि उनके साथ ही ऐसा क्यों होता है। ऐसे में उर्वशी की कहानी लोगों को प्रेरणा और हिम्मत दे सकती है। उन्होंने लगभग छह साल की उम्र से काम करना शुरू किया और बहुत कम उम्र में शादी भी कर ली थी, जिसके चलते वह कम उम्र में मां भी बन गई।”
इस पर उर्वशी ने मुस्कुराते हुए उनकी बात पर बताया कि वह 17 साल की उम्र में मां बनी थीं। उर्वशी ने अपने बचपन की एक दिलचस्प याद साझा की। उन्होंने बताया, ”जब मैं छोटी थी, तब कलर्ड टीवी का दौर शुरू हुआ था और मैं टीवी पर आने वाले विज्ञापनों को बड़े ध्यान से देखा करती थी। एक दिन अचानक मैंने अपनी मां से कहा कि मुझे अब टीवी नहीं देखना है। मेरी मां को लगा कि शायद अब मेरा ध्यान पढ़ाई की तरफ जाएगा। लेकिन, मुझे टीवी देखना नहीं, बल्कि टीवी के अंदर जाना था। मैं खुद स्क्रीन पर आकर लोगों के सामने एक्टिंग करना चाहती थी। मेरे एक्टिंग के सपने की शुरुआत यहीं से हुई थी।”
उर्वशी ने कहा, ”बचपन से ही एक्टिंग मेरा सबसे बड़ा सपना था। मैंने कभी किसी दूसरे पेशे के बारे में नहीं सोचा। मेरे मन में हमेशा यही इच्छा थी कि मैं एक्टिंग करूं और इसी फील्ड में अपना करियर बनाऊं। यही वजह रही कि मैंने बहुत छोटी उम्र से ही मेहनत करना शुरू कर दिया और लगातार अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती रही।”
अभिनेत्री ने कहा, ”बचपन से काम करने की वजह से जिम्मेदारियां उठाना मेरे स्वभाव का हिस्सा बन गया था। कम उम्र में शादी करना, फिर मां बनना और साथ ही अपने करियर को संभालना आसान नहीं था। लेकिन मैंने हर चुनौती का सामना किया और कभी हार नहीं मानी।”
उर्वशी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। उन्होंने कहा, ”जब भी मुझे किसी सहारे की जरूरत पड़ी, तो मेरे माता-पिता हमेशा मेरे साथ खड़े रहे। मैंने जो भी सफलता हासिल की है, उसमें मेरे माता-पिता का योगदान बहुत बड़ा है। उनके समर्थन ने ही मुझे हर मुश्किल परिस्थिति में आगे बढ़ने की ताकत दी।”
उर्वशी की बातें सुनकर राजीव खंडेलवाल भी इमोशनल हो गए। उन्होंने अभिनेत्री के माता-पिता की सराहना करते हुए कहा कि उनके पिता वास्तव में उनके जीवन में एक मजबूत सहारे की तरह रहे हैं। हर व्यक्ति की जिंदगी में ऐसा कोई न कोई होना जरूरी है, जो मुश्किल समय में उसका साथ दे और उसे आगे बढ़ने का हौसला दे।
–आईएएनएस
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