तीन पन्नों पर तृणमूल के 19 सांसदों के हस्ताक्षर सामने आए, लोकसभा में नए गुट के गठन को लेकर भ्रम की स्थिति


कोलकाता, 12 जून (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के 19 सांसदों के हस्ताक्षर वाले तीन पन्ने शुक्रवार को सामने आए, जिनमें दावा किया गया है कि वे लोकसभा में पार्टी के प्रतिनिधित्व का मुख्य और बहुमत वाला गुट हैं।

इस बात को लेकर उलझन बनी है कि क्या ये तीन पेज उसी कथित पत्र का आखिरी हिस्सा हैं, जिसे डॉ. काकोली घोष दस्तीदार और शताब्दी रॉय की अगुवाई में सांसदों ने लोकसभा स्पीकर के दफ्तर में सौंपा है।

सामने आए इन तीन पेजों में पहला हस्ताक्षर डॉ. काकोली घोष दस्तीदार का है, जो नॉर्थ 24 परगना जिले के बारासात निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी की चार बार की लोकसभा सदस्य हैं। दूसरा हस्ताक्षर शताब्दी रॉय का है, जो अभिनेत्री से नेता बनी हैं और बीरभूम जिले के बीरभूम निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी की चार बार की लोकसभा सदस्य हैं।

हालांकि, 19 लोकसभा सदस्यों के हस्ताक्षर वाले तीन पन्नों की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की जा सकी है।

तीन पन्नों में दिख रहे अन्य 17 लोकसभा सदस्यों के हस्ताक्षर में मथुरापुर से बापी हलदर, बर्दवान पूर्व से शर्मिला सरकार, हावड़ा से प्रसून बनर्जी, कूच बिहार से जगदीश वर्मा बसुनिया, बोलपुर से असित मल, बांकुरा से अरूप चक्रवर्ती, झाड़ग्राम से कालीपद सोरेन, दीपक अधिकारी उर्फ, घाटल से देव, मेदिनीपुर से जून मालिया, बैरकपुर से पार्थ भौमिक, खलीलुर रहमान शामिल हैं। जंगीपुर, मुर्शिदाबाद से अबू ताहेर खान, बहरामपुर से यूसुफ पठान, आरामबाग से मिताली बाग, कोलकाता (दक्षिण) से माला रॉय, हुगली से रचना बनर्जी और जादवपुर से सयोनी घोष का नाम शामिल है।

रचना बनर्जी और जादवपुर की सांसद सायनी घोष के हस्ताक्षर दो अलग-अलग जगहों पर हैं, लेकिन हस्ताक्षर के क्रम में नहीं। हालांकि, इन 19 बागी सांसदों में से किसी ने भी इस मुद्दे पर एक शब्द भी नहीं कहा है, लेकिन इनमें से एक बागी के करीबी पार्टी सूत्रों ने बताया कि चूंकि रचना बनर्जी और सायनी घोष दोनों ने बाद में पत्र पर हस्ताक्षर किए थे, इसलिए उनके हस्ताक्षर अलग-अलग किए गए थे।

लोकसभा अध्यक्ष के दफ्तर की ओर से इस चिट्ठी के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के अभी 27 सांसद हैं। नॉर्थ 24 परगना जिले की बशीरहाट सीट से तृणमूल कांग्रेस के सांसद हाजी शेख नूरुल इस्लाम के सितंबर 2024 में निधन के बाद से यह सीट खाली है; वे चुने जाने के कुछ ही महीनों बाद गुजर गए थे।

–आईएएनएस

पीएसके/पीएम


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