'काम मिलना बंद हो गया था', शिल्पा शेट्टी ने करियर के सबसे मुश्किल दौर का सुनाया किस्सा


मुंबई, 7 जून (आईएएनएस)। बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी को फिटनेस क्वीन, टीवी स्टार, बिजनेसवुमन और प्रेरणादायक शख्सियत के तौर पर जाना जाता है, लेकिन उनका सफर हमेशा आसान नहीं रहा। एक समय ऐसा भी आया था जब उन्हें फिल्में मिलनी लगभग बंद हो गई थीं और कई प्रोड्यूसर्स उन्हें अपनी फिल्मों से बाहर कर देते थे। खुद शिल्पा ने बताया था कि उन्हें लगने लगा था कि उनका करियर पीछे जा रहा है, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत की, आखिरकार अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रहीं।

8 जून 1975 को कर्नाटक के मंगलुरु में जन्मी शिल्पा शेट्टी का असली नाम अश्विनी शेट्टी है। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह अपने पिता के काम में हाथ बंटाने लगी थीं। इसी दौरान एक फैशन शो में हिस्सा लेने का मौका मिला। वहां एक फोटोग्राफर ने उनकी तस्वीरें खींचीं, और यही तस्वीरें उनके लिए मॉडलिंग की दुनिया का दरवाजा खोल गईं। मॉडलिंग में सफलता मिलने के बाद उन्हें फिल्मों के ऑफर मिलने लगे।

शिल्पा ने 1993 में फिल्म ‘बाजीगर’ से बॉलीवुड में कदम रखा। इस फिल्म में उनके साथ शाहरुख खान और काजोल थे। फिल्म सुपरहिट साबित हुई और शिल्पा की भी खूब चर्चा हुई। 1990 के दशक में वह ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’, ‘छोटे सरकार’, ‘आओ प्यार करें’, ‘हथकड़ी’, ‘औजार’ और ‘परदेसी बाबू’ जैसी कई चर्चित फिल्मों का हिस्सा रहीं और दर्शकों के बीच लोकप्रिय होती गईं।

सफलता का यह सफर हमेशा नहीं रहता है। शिल्पा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि करियर के एक दौर में उन्हें काम मिलना बंद हो गया था। कई बार ऐसा हुआ जब उन्हें फिल्म के लिए चुना गया, लेकिन बाद में प्रोड्यूसर्स ने उन्हें फिल्म से बाहर कर दिया। लगातार मिल रही निराशा ने उन्हें परेशान जरूर किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

साल 2000 में आई फिल्म ‘धड़कन’ ने उनके करियर को नई दिशा दी। इस फिल्म में उनके अभिनय को खूब सराहागया, और वह एक बार फिर चर्चा में आ गईं। इसके बाद उन्होंने ‘रिश्ते’, ‘फिर मिलेंगे’, ‘दस’ और ‘लाइफ इन ए… मेट्रो’ जैसी फिल्मों में काम किया। खासकर ‘फिर मिलेंगे’ में एचआईवी पीडित महिला के किरदार ने उनके अभिनय की नई पहचान बनाई।

फिल्मों के साथ-साथ शिल्पा ने टीवी की दुनिया में भी अपनी मजबूत जगह बनाई। ब्रिटेन के चर्चित रियलिटी शो ‘सेलिब्रिटी बिग ब्रदर’ में हिस्सा लेकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान हासिल की। शो में नस्लीय टिप्पणियों का सामना करने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और विजेता बनकर उभरीं। इस जीत ने उन्हें दुनिया भर में लोकप्रिय बना दिया।

शिल्पा फिटनेस की पहचान भी बन चुकी हैं। योग और स्वास्थ्य को लेकर उनकी पहल को लोगों ने खूब पसंद किया। उन्होंने फिटनेस से जुड़ी किताबें लिखीं, योग वीडियो जारी किए और लाखों लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। समाज सेवा और जनजागरूकता अभियानों में योगदान के लिए भी उन्हें कई सम्मान मिले। उन्हें आईफा स्पेशल अवॉर्ड फॉर ग्लोबल इम्पैक्ट, यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स की मानद डॉक्टरेट और स्वच्छ भारत अभियान से जुड़े कार्यों के लिए ‘चैंपियंस ऑफ चेंज’ सम्मान जैसे कई पुरस्कार प्राप्त हुए।

–आईएएनएस

पीके/डीकेपी


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